
EVM अफसर नियुक्ति और चुनाव तैयारी, 2026 विधानसभा चुनाव से पहले
2026 विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियों में तेजी
2026 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारत में चुनाव आयोग (Elections Commission of India — ECI) ने EVM और चुनावी प्रबंधन पर व्यापक तैयारियों की शुरुआत कर दी है। इसमें मशीनों की जांच-पड़ताल से लेकर EVM अफसरों (nodal officers) की नियुक्ति और परीक्षण कार्यक्रम तक शामिल हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सके।
सबसे ताज़ा और ध्यानयोग्य खबर यह है कि ECI ने पांच वरिष्ठ अफसरों को EVM की First Level Checking (पहली स्तर की जांच) के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। इन अफसरों का कार्य 2026 विधानसभा चुनावों से पहले EVM एवं VVPAT की तकनीकी स्थिति, तैयारी और मतदाता-गतरीकरण से जुड़े समग्र निरीक्षण की निगरानी करना है।
EVM अफसरों की नियुक्ति: विस्तार से
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के हिस्से के रूप में पाँच नोडल अफसरों की नियुक्ति की घोषणा की है। ये अधिकारी विभिन्न राज्यों से हैं और उन्हें EVM की जांच तथा प्रक्रिया के सुपरविज़न के लिए FLC (First Level Checking) स्थलों पर भेजा जाएगा।
नियुक्त अधिकारी हैं:
Shania Kayem Mize — उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अरुणाचल प्रदेश
Yogesh Gosavi — उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र
P K Boro — अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मेघालय
Ethel Rothangpuii — संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मिज़ोरम
Kanishka Kumar — ECI के अंडर सेक्रेटरी
इन अफसरों को अलग-अलग परीक्षण और निरीक्षण केंद्रों पर तैनात किया गया है, ताकि EVM और VVPAT की पहली स्तर की जांच निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से हो सके। आयोग ने कहा है कि 2021 के चुनावों की तुलना में बूथों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए यह नियुक्ति और निरीक्षण व्यवस्था और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
EVM और VVPAT परीक्षण की प्रक्रिया
सभी राज्यों में — विशेषकर असम और तमिलनाडु जैसे 2026 में चुनाव होने वाले राज्यों में — पहले से ही EVM तथा VVPAT मशीनों का तकनीकी परीक्षण शुरू हो चुका है। उदाहरण के लिए:
असम के कामरूप जिले में EVM-VVPAT की पहली चरण की टेस्टिंग शुरू हुई है ताकि किसी भी मशीन की खराबी या तकनीकी समस्या का समय रहते पता चल सके।
तमिलनाडु में भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा EVM की प्रारंभिक जांच-जाँच का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत मशीनों के संचालन, तकनीकी स्थिति और डेटा सत्यापन प्रक्रियाओं की समीक्षा हो रही है।
यह प्रक्रिया चुनाव से पहले संभावित तकनीकी बाधाओं को दूर करने तथा बूथ स्तर पर मशीनों की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। ये तैयारियाँ अधिकतर राज्यों में इसी वर्ष दिसंबर से जनवरी तक चलेंगी।
चुनाव आयोग की व्यापक चुनावी तैयारियाँ
EVM अफसर नियुक्ति सिर्फ एक हिस्सा है; चुनाव आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के कई अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं:
मतदाता सूची अपडेट और SIR कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision — SIR) लागू किया है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन रहे। कई राज्यों में निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे SIR के तहत सभी मतदाताओं की जानकारी सही करें, अवैध नाम हटाएँ और नई पंजीकरणों को जोड़ें।
यह कदम EVM प्रक्रिया के साथ-साथ मतदाता सूची की पारदर्शिता पर भी ध्यान केंद्रित करता है, ताकि कोई भी व्यक्ति मतदान प्रक्रिया से वंचित न रहे और सूची में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
मतदान कर्मियों और पोर्टल प्रणाली
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने polling personnel database पोर्टल लॉन्च किया है, जिसमें सभी मतदान कर्मियों की सूची रखी जाएगी। यह पोर्टल प्रशिक्षण, रोल कॉल, randomisation और निगरानी के लिए उपयोगी साबित होगा।
इस प्रणाली से मतदान कर्मियों की तैनाती और randomisation ऐसे क्षेत्रों में होगी जहाँ पक्षपात या स्थानीय दबाव की संभावनाएँ कम हों, जिससे चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र बने।
राजनीतिक परिदृश्य और EVM की अहम भूमिका
2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर EVM तकनीक पर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। कुछ पार्टियाँ EVM के संचालन को लेकर सवाल उठाती रहती हैं, जबकि आयोग लगातार यह स्पष्ट करता है कि मशीनें ठीक तरह से काम करती हैं और छेड़छाड़-रोधी हैं।
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हालाँकि कुछ राजनीतिक नेताओं ने EVM या मतदाता सूची से जुड़ी चिंताएँ भी जताईं हैं, लेकिन ECI पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है और तैयारियों को समय से पहले पूर्ण कर रहा है।
चुनाव प्रक्रिया में EVM अफसरों का महत्व
EVM अफसरों की नियुक्ति का कारण सिर्फ मशीनों की जांच नहीं है, बल्कि एक निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनावी माहौल सुनिश्चित करना है। इन अधिकारियों का उद्देश्य है:
EVM और VVPAT की जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
चुनावी उपकरणों की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण करना
स्थानीय अधिकारियों और मतदान कर्मियों को ट्रेनिंग का मार्गदर्शन देना
मतदान केंद्रों पर मशीनों के रख-रखाव की निगरानी करना
इससे चुनाव आयोग यह संदेश देना चाह रहा है कि 2026 विधानसभा चुनाव तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार, सुरक्षित और लोकतांत्रिक मानकों के अनुरूप होंगे।
निष्कर्ष
2026 के विधानसभा चुनावों से पहले ECI की तैयारियाँ चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में अहम क़दम हैं। EVM अफसरों की नियुक्ति, मशीनों की टेस्टिंग, मतदाता सूची का SIR, मतदान कर्मियों का डेटाबेस पोर्टल — ये सभी उपाय यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि भारत का लोकतंत्र और चुनावों की शुद्धता बनी रहे। चुनाव आयोग ने संकेत दिए हैं कि 2026 के चुनाव उन राज्यों में होंगे जहाँ जनता का भरोसा चुनावी प्रणाली पर सर्वोपरि है, और इसलिए तकनीकी व प्रशासकीय स्तर पर तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
