भागलपुर में जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव — एक नई राजनीतिक लड़ाई

भागलपुर में जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव — एक नई राजनीतिक लड़ाई

आज, 26 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) को बिहार के महत्वपूर्ण जिले भागलपुर में जिला परिषद के अध्यक्ष के लिए चुनाव आयोजित किया जा रहा है। यह चुनाव स्थानीय राजनीतिक माहौल में एक अहम मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इससे जिले की विकास योजनाओं, प्रशासनिक स्थिरता और दलगत समीकरणों पर सीधा असर पड़ेगा।

भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष का पद पूर्व अध्यक्ष मिथुन कुमार के विधायक चुने जाने के बाद रिक्त हुआ था। मिथुन यादव के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पद का त्याग पत्र मिलने के कारण यह स्थान खाली पड़ा और अब उसके प्रतिस्थापन के लिए आज मतदान हो रहा है।

चुनावी पृष्ठभूमि और उम्मीदवार

आज के चुनाव में मुख्य रूप से दो बड़े दावेदार मैदान में हैं:

1) अनंत कुमार उर्फ़ टुनटुन साह

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष और राजनीतिक रूप से अनुभवी चेहरे में से एक।

उनके समर्थकों का मानना है कि वे दोबारा अध्यक्ष बनने के काबिल हैं।

बताया जा रहा है कि उनके पास करीब 22 से अधिक पार्षदों का समर्थन है और वे जयपुर (झारखंड)/बिहार बॉर्डर की ओर पूजा-अर्चना और पंडाल कार्यक्रम के बाद मतदान केंद्र समीक्षा भवन में मतदान के लिए पहुंचेंगे।

2) विपिन कुमार मंडल

वर्तमान में जिला परिषद सदस्य हैं और उन्होंने भी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन किया है।

उनके बारे में चर्चा है कि वे अब तक स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि कौन से पार्षद उनके साथ हैं, लेकिन दावा करते हैं कि अधिकांश पार्षद उनके पक्ष में मतदान करेंगे।

दोनों प्रत्याशियों के बीच यह मुकाबला स्थानीय दलों के समीकरण, पार्षदों के समर्थन और विकास एजेंडा को लेकर गहरा है।

प्रशासनिक तैयारियाँ और प्रक्रिया

चुनाव से पहले प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं:

रविवार का दिन 11 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा की गई है।

चुनाव का आयोजन भागलपुर के समीक्षा भवन में किया जा रहा है जहां जिला परिषद के सभी सदस्य (जिप पार्षद) अपना मत देंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी स्वयं चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो।

मतदान के लिए कर्मचारियों, नाबालिगों से लेकर सुरक्षा कर्मियों तक को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

भाजप, जदयू, राजद तथा अन्य स्थानीय राजनीतिक दलों के लिए यह जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव एक महत्वपूर्ण लड़ाई है क्योंकि:

  1. विकास कार्यों पर प्रभाव

जिला परिषद अध्यक्ष का पद चार वर्ष का होता है और इस दौरान कई विकास योजनाएं, बजट प्रेस, सतत योजना क्रियान्वयन और मंज़ूरी होती है।

पिछले अध्यक्ष के कांग्रेस/महागठबंधन से विधायक बनने के कारण जिला परिषद के कई कार्य कुछ महीनों तक प्रभावित रहे क्योंकि अध्यक्ष पद रिक्त था।

  1. स्थानीय राजनीति की दिशा

यह चुनाव स्थानीय पार्षदों और स्थानीय नेतृत्व के बीच राजनीतिक समीकरणों को परिभाषित करेगा।

चुनाव के परिणाम से यह पता चलेगा कि किस गुट की लोकप्रियता ज़मीन स्तर पर अधिक है और किसके पास विकास एजेंडा के माध्यम से अधिक समर्थन है।

मतदाता और रणनीति

जिला परिषद के पार्षद आज अपने मत का प्रयोग करेंगे। मतदान में निम्न बातों पर ध्यान दिया जा रहा है:

पार्षदों को अपने-अपने गुटों द्वारा समझौता, समर्थन और प्रोत्साहन के लिए बातचीत की जा रही है।

कुछ पार्षदों को पार्टी लाइन से हटकर अपने इलाके के विकास और स्थानीय मुद्दों पर वोट देने की सलाह दी गई है।

चुनाव से पहले स्थानीय पूजा और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिससे पार्षदों के मनोबल और समर्थन को धार्मिक-सांस्कृतिक ढांचे में मजबूत करने की कोशिश की गई है।

चुनाव का असर और आशय

इस चुनाव के नतीजे सिर्फ भागलपुर तक ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि वे स्थानीय राजनीति और विकासात्मक योजना क्रियान्वयन पर भी असर डाल सकते हैं।

1) प्रशासनिक स्थिरता

यदि नए अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो जिला परिषद का कार्यकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा और पेमेंट, योजना क्रियान्वयन तथा वित्तीय प्राधिकरण आदि सुचारू होगा।

2) राजनीतिक समर्थन और विकास एजेंडा

नए अध्यक्ष के साथ पार्टियों के स्थानीय एजेंडा और विकास नजरिये पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

साथ ही, नए अध्यक्ष के नेतृत्व में स्थानीय राजनीतिक समीकरण बदले जा सकते हैं और आगामी चुनावों में इसका असर भी दिखाई देगा।

निष्कर्ष

आज 26 दिसंबर 2025 को भागलपुर जिला परिषद के अध्यक्ष का चुनाव एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक घटना है। यह चुनाव न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए निर्णायक है बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा, विकास योजनाओं और स्थानीय नेतृत्व की शक्ति समीकरण को भी प्रभावित करेगा।

जैसे ही मतदान समाप्त होगा, परिणाम आने के साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि भागलपुर में अगला जिला परिषद अध्यक्ष कौन होगा — अनंत कुमार उर्फ टुनटुन साह या विपिन कुमार मंडल। जनता तथा राजनीतिक विश्लेषक आज के चुनाव परिणाम को नज़दीकी से देख रहे हैं क्योंकि यह स्थानीय राजनीति के साथ-साथ विकास कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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