
DGCA ने IndiGo के CEO सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया
एयरलाइन में हालिया परेशानी और बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द-रुकावट पर जवाबदेही तय करने की शुरुआत
नई दिल्ली, 11 दिसंबर —
देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन IndiGo हाल के दिनों में परिचालन संबंधी गंभीर अव्यवस्थाओं, लंबी देरी और लगातार उड़ान रद्द होने की घटनाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। इसी पृष्ठभूमि में नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने सोमवार को IndiGo के CEO, COO, हेड ऑफ ऑपरेशंस और अन्य वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों को तलब किया है। DGCA ने कंपनी से सीधे यह जानना चाहा है कि आखिर एक ही सप्ताह में इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं और यात्रियों को बार-बार असुविधा का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
पिछले एक सप्ताह में 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित
बीते सात दिनों में IndiGo की बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द हुई हैं या घंटों की देरी से चली हैं। त्योहारों और पर्यटन सीजन की शुरुआत में हुई इस अव्यवस्था ने यात्रियों में भारी नाराज़गी पैदा कर दी है।
कई एयरपोर्टों—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद—से सैकड़ों यात्रियों द्वारा सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें कहा गया कि:
- उड़ानें बिना स्पष्ट सूचना रद्द की गईं
- यात्रियों को लंबे समय तक प्रतीक्षालय में ही बैठाकर छोड़ा गया
- कुछ यात्रियों को तो 5–7 घंटे तक देरी की सूचना भी नहीं दी गई
- रिफंड और पुनर्बुकिंग में भी अव्यवस्था देखने को मिली
DGCA का कहना है कि यह स्थिति “सामान्य परिचालन चुनौतियों की सीमा से अधिक” है और यह एयरलाइन की प्रबंधन विफलता की ओर संकेत करती है।
DGCA की सख्त टिप्पणी: ‘यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि’
DGCA ने यह स्पष्ट कर दिया कि एयरलाइन चाहे कितनी ही बड़ी क्यों न हो, यदि वह यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और समयबद्ध परिचालन का पालन नहीं करती, तो नियामक कार्रवाई अनिवार्य होगी।
सूत्रों के अनुसार, DGCA अधिकारियों ने बैठक में IndiGo प्रबंधन से निम्न बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा:
- इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट देरी और कैंसलेशन के मूल कारण
- क्या यह पायलट/क्रू की कमी, तकनीकी मेंटेनेंस, या शेड्यूलिंग विफलता का परिणाम है?
- यात्रियों के लिए कंपनसेशन, भोजन-वाउचर, और रिफंड की क्या व्यवस्था की गई?
- एयरलाइन ने ऐसी स्थिति को रोकने के लिए कौन-से बैकअप प्लान लागू किए?
DGCA ने एयरलाइन को अगली 48 घंटों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
IndiGo की सफाई: ‘अप्रत्याशित कारणों से ऑपरेशन प्रभावित’
बैठक में IndiGo प्रबंधन ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ दिनों में परिचालन चुनौतीपूर्ण रहा, परन्तु एयरलाइन ने इसके कारणों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया।
हालाँकि, अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक:
- पायलटों के एक हिस्से द्वारा अनौपचारिक ‘साइलेंट प्रोटेस्ट’
- तकनीकी निरीक्षणों में बढ़ोतरी
- कुछ विमानों का अनियोजित मेंटेनेंस
- नई उड़ान आवृत्तियों के चलते क्रू मैनेजमेंट में दबाव
जैसे कारण स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं।
IndiGo ने DGCA को आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में उड़ानों को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त क्रू तैनात, शेड्यूल पुनर्गठन, और तकनीकी संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है।
सरकार भी हुई सक्रिय, मंत्रालय की निगरानी बढ़ी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले को “यात्री हित का गंभीर विषय” बताते हुए DGCA को निर्देश दिया कि स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जाए।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो:
- एयरलाइन पर जुर्माना
- अनिवार्य उड़ान क्षमता में कटौती
- या ऑपरेशन्स ऑडिट
जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
इससे पहले भी सरकार ने कई बार ऐसी स्थिति में एयरलाइनों की उड़ानें कम कराई हैं ताकि वे अपनी क्षमता से अधिक शेड्यूल न बनाएं।
यात्रियों का गुस्सा: ‘टिकट महंगे, सेवा कमजोर’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर हजारों यात्रियों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की।
यात्रियों ने लिखा:
- “IndiGo का समय पहले भरोसेमंद था, अब हर बार देरी मिलती है।”
- “बच्चों के साथ 6 घंटे इंतजार कराया गया, न भोजन, न घोषणा।”
- “उड़ान रद्द कर दी, रिफंड का कोई अपडेट नहीं।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में एयरलाइन के लिए ब्रांड भरोसा सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है, और लंबी अवधि में इससे उसकी बाजार स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है।
विश्लेषण: निजी एयरलाइनों पर बढ़ता दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय उड्डयन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, परन्तु:
- पायलटों की कमी
- उच्च ईंधन लागत (ATF)
- मेंटेनेंस में देरी
- और ट्रैफिक में अचानक वृद्धि
ने एयरलाइनों को दबाव में ला दिया है।
IndiGo भारत की लगभग 60% बाजार हिस्सेदारी रखती है, इसलिए उसके परिचालन में गड़बड़ी का असर देशभर में दिखाई देता है।
अगले कदम: क्या हो सकती हैं संभावित कार्रवाई?
DGCA अधिकारी गंभीर रुख में हैं। संभावित कदमों में शामिल हैं:
- एयरलाइन पर कड़ा दंड
- विस्तृत सुरक्षा एवं परिचालन ऑडिट
- उड़ान शेड्यूल कम करने का निर्देश
- देरी/रद्द उड़ानों पर अनिवार्य मुआवजा
इससे एयरलाइन की संचालन क्षमता और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार की अपेक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष
IndiGo पिछले कई सालों से “समय पर उड़ान भरने” के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन हालिया घटनाओं ने उसके परिचालन मॉडल पर सवाल उठा दिए हैं। DGCA की सख्ती का अर्थ साफ है—यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।
अगले 48 घंटों में एयरलाइन द्वारा सौंपे जाने वाली रिपोर्ट यह तय करेगी कि नियामक संस्था आगे कौन-से कदम उठाएगी और यात्रियों को इस असुविधा से कब तक राहत मिलेगी।
