
देशभर में मौसम का प्रभाव — सर्दी और कोहरा
उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का असर जारी, यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित
देशभर में सर्दी का प्रकोप लगातार बना हुआ है, खासकर उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी की शुरुआत में तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या, यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।
उत्तर भारत में ठंड का कहर
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर रात का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जिससे लोगों को अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी गंभीर है। खुले खेतों में काम करने वाले किसान, दिहाड़ी मजदूर और सड़क किनारे रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। राज्य सरकारों द्वारा रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और कंबल वितरण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन जरूरतमंदों की संख्या के मुकाबले ये प्रयास अभी भी अपर्याप्त माने जा रहे हैं।
कोहरे से यातायात प्रभावित
घना कोहरा उत्तर भारत की सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा के कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ा। कई राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई, वहीं कुछ स्थानों पर हादसों की खबरें भी सामने आईं।
रेल यातायात की बात करें तो दर्जनों ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्री सबसे अधिक परेशान हैं, क्योंकि ठंड और कोहरे के कारण उनकी यात्रा का समय बढ़ गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
हवाई यातायात भी कोहरे से अछूता नहीं रहा। दिल्ली, लखनऊ, अमृतसर और पटना जैसे हवाई अड्डों पर कई उड़ानों में देरी और कुछ उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कम दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
दैनिक जीवन पर असर
ठंड और कोहरे का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई राज्यों में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है या प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया है, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।
व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। बाजार देर से खुल रहे हैं और शाम के समय जल्दी बंद हो जा रहे हैं। ठंड के कारण ग्राहक घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की आमदनी पर असर पड़ा है। हालांकि, ऊनी कपड़ों, हीटर और गर्म पेय पदार्थों की मांग में बढ़ोतरी जरूर देखी जा रही है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
ठंड और कोहरे के कारण स्वास्थ्य समस्याओं में भी इजाफा हुआ है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना, गर्म तरल पदार्थों का सेवन करना और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचना जरूरी है।
कोहरे के साथ बढ़ता वायु प्रदूषण भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
किसानों पर प्रभाव
मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। ठंड और पाला पड़ने से कुछ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से आलू, सरसों और सब्जी की फसलों पर पाले का खतरा बना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए सिंचाई और धुआं करने जैसे उपाय अपनाएं।
हालांकि, कुछ फसलों के लिए यह ठंड लाभकारी भी मानी जा रही है। गेहूं जैसी रबी फसलों के लिए ठंड का मौसम अनुकूल माना जाता है, जिससे उत्पादन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, देशभर में विशेषकर उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। यातायात व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार तक हर क्षेत्र पर इसका असर साफ नजर आ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन और आम नागरिक दोनों मिलकर सावधानी बरतें, ताकि ठंड और कोहरे के इस दौर में किसी भी तरह की जान-माल की हानि से बचा जा सके। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही दिखाई दे रही है।
