यूपी-एनसीआर में कोहरा और शीतलहर का कहर, स्कूल बंद — जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इन दिनों भीषण कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से लेकर देर रात तक छाया घना कोहरा सड़कों, रेल पटरियों और हवाई मार्गों पर चुनौती बना हुआ है। तापमान में तेज गिरावट, ठंडी हवाओं और नमी के बढ़ते स्तर ने हालात को और गंभीर बना दिया है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ते प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद करने या समय में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है।

घना कोहरा, दृश्यता बेहद कम

यूपी के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह के समय दृश्यता कई इलाकों में 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से धीमी गति, फॉग लाइट और इंडिकेटर का उपयोग करने की अपील की है।

शीतलहर का प्रकोप

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलते तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। रात का न्यूनतम तापमान कई जिलों में 4–6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। खुले इलाकों, खेतों और निचले क्षेत्रों में शीतलहर का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों की मांग में अचानक उछाल आया है।

स्कूल बंद, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

ठंड और कोहरे की गंभीरता को देखते हुए यूपी के कई जिलों—जैसे लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा—में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। कुछ जिलों में उच्च कक्षाओं के लिए स्कूलों का समय बदला गया है ताकि बच्चे सुबह की अत्यधिक ठंड और कोहरे से बच सकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी निर्णय लिए जाएंगे।

परिवहन सेवाओं पर असर

कोहरे का सबसे बड़ा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। कई ट्रेनों का संचालन देरी से हो रहा है, कुछ को आंशिक रूप से रद्द भी किया गया है। हवाई अड्डों पर भी उड़ानों में देरी देखी गई, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बस सेवाएं भी धीमी गति से चल रही हैं। परिवहन विभाग ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां

शीतलहर और कोहरे के चलते सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और हृदय रोगियों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में ओपीडी में सर्दी से जुड़ी शिकायतों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है—जैसे सुबह-शाम बाहर निकलने से बचना, गर्म तरल पदार्थों का सेवन करना और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना।

किसानों पर प्रभाव

कोहरा और ठंड का असर कृषि पर भी पड़ा है। रबी फसलों—खासकर आलू, सरसों और गेहूं—पर कोहरे का प्रभाव मिलाजुला माना जा रहा है। जहां कुछ हद तक नमी फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, वहीं लंबे समय तक घना कोहरा और पाला पड़ने की स्थिति में फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में उचित सिंचाई, पाले से बचाव और फसल निगरानी की सलाह दी है।

प्रशासन की तैयारियां

राज्य और स्थानीय प्रशासन ने शीतलहर से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, रैन बसेरों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर आपात स्थितियों से निपटने की व्यवस्था की है। साथ ही, कोहरे के कारण सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यूपी-एनसीआर में घना कोहरा और शीतलहर बनी रह सकती है। सुबह और रात के समय कोहरे की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है, जबकि दिन में हल्की धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ और हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण तापमान में फिलहाल बड़ी बढ़ोतरी के आसार कम हैं।

सावधानी और सलाह

विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। प्रशासन ने स्कूलों, अस्पतालों और परिवहन सेवाओं को लेकर जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

निष्कर्ष
यूपी-एनसीआर में कोहरा और शीतलहर ने ठंड के इस दौर को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। स्कूलों का बंद होना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम है, वहीं प्रशासन और नागरिकों की साझा सतर्कता ही इस मौसमीय संकट से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय है। आने वाले दिनों में मौसम की चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं, उम्मीद है कि जल्द ही हालात में सुधार होगा और जनजीवन सामान्य पटरी पर लौटेगा।

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