यूपी STF को बड़ी कामयाबी

यूपी STF को बड़ी कामयाबी — 50 हजार रुपये का इनामी लुटेरा और एक अवैध हथियार तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। STF की अलग-अलग टीमों ने सटीक सूचना और सुनियोजित कार्रवाई के तहत 50 हजार रुपये के इनामी लुटेरे को गिरफ्तार करने के साथ ही एक कुख्यात अवैध हथियार तस्कर को भी दबोच लिया है। इन गिरफ्तारियों से प्रदेश में संगठित अपराध, लूट और अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को बड़ा झटका माना जा रहा है।
गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
STF को लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय एक शातिर लुटेरे की तलाश थी, जिस पर कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह अपराधी लूट, डकैती और हथियारों के बल पर वारदातों को अंजाम देता था। इसी दौरान STF को पुख्ता सूचना मिली कि इनामी लुटेरा अपने एक साथी के संपर्क में है, जो अवैध हथियारों की तस्करी करता है और जल्द ही किसी बड़े सौदे के लिए मूवमेंट करने वाला है।
सूचना मिलते ही STF की टीम ने संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी। संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी गई और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, STF टीम ने एक हाईवे के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को रोकने की कोशिश की। खुद को घिरा देख इनामी लुटेरे ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में STF ने बेहद संयम और पेशेवर तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया। थोड़ी देर चली मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को काबू में कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई, जो STF की रणनीतिक दक्षता को दर्शाता है।
बरामदगी: हथियार और आपराधिक साक्ष्य
STF ने आरोपियों के कब्जे से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं—
अत्याधुनिक अवैध पिस्टल और तमंचे
कई जिंदा कारतूस
फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल
मोबाइल फोन, जिनमें आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अहम संपर्क मिले
कुछ नकदी, जिसे लूट की रकम बताया जा रहा है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद हथियारों का इस्तेमाल हाल के महीनों में हुई कई वारदातों में किया गया हो सकता है।
50 हजार का इनामी: लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार इनामी लुटेरे पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, आर्म्स एक्ट, पुलिस पर हमला और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। लंबे समय से फरार रहने के कारण उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह अलग-अलग जिलों में नाम और पहचान बदलकर वारदात करता था, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में काफी मुश्किलें आ रही थीं।
अवैध हथियार तस्कर का नेटवर्क
दूसरा गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय था और कई राज्यों से हथियार मंगवाकर उत्तर प्रदेश के अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था। STF का मानना है कि इस तस्कर के नेटवर्क के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
STF अधिकारियों का बयान
STF के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि—
“प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। इनामी अपराधियों और अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ना पुलिस की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर संगठित अपराध कमजोर होता है।
कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक असर
इस गिरफ्तारी का सीधा असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर पड़ने की उम्मीद है। लूट और हथियारों से जुड़ी घटनाओं में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी STF की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे पुलिस की सक्रियता का प्रमाण बताया है।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। STF अब—
इनके आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच
हथियारों की सप्लाई लाइन का खुलासा
फरार साथियों की गिरफ्तारी
पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
निष्कर्ष
यूपी STF की यह कार्रवाई न सिर्फ एक इनामी अपराधी की गिरफ्तारी है, बल्कि अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है। इससे साफ है कि प्रदेश में अपराधियों के लिए अब सुरक्षित ठिकाने कम होते जा रहे हैं। STF की इस बड़ी कामयाबी को उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
