चांदी के दाम में रिकॉर्ड उछाल

चांदी के दाम में रिकॉर्ड उछाल — कीमत पहुँची ₹2.42 लाख प्रति किलो के उच्च स्तर पर

देश के कमोडिटी बाजार में चांदी की चमक ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। चांदी के दाम आज उन सभी पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ते हुए ₹2.42 लाख प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे निवेशक, व्यापारी और उपभोक्ता सभी की निगाहें इस धातु पर टिक गई हैं।

रिकॉर्ड-तोड़ तेजी: क्या हुआ?

वायदा बाजार यानी MCX पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में ₹18,210 की छलांग लगाकर ₹2,42,000 प्रति किलो का नया रिकॉर्ड छू लिया। बाद में मुनाफावसूली और ट्रेडिंग बंद होने के समय भाव थोड़ा नीचे आकर ₹2,39,787 प्रति किलो पर बंद हुआ, लेकिन बाजार में तेजी का रुख मजबूती से बना हुआ है।

पिछले एक सप्ताह में ही चांदी के दाम में लगभग 15% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है, जो कमोडिटी बाजार में असामान्य और ऐतिहासिक उछाल माना जा रहा है।

क्या है इस उछाल की वजह?

विश्लेषकों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं:

🔹 मजबूत औद्योगिक मांग

आज चांदी सिर्फ आभूषण बनाने की धातु नहीं रह गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनलों, हाई-परफॉर्मेंस उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे इसकी खपत तेजी से बढ़ी है।

🔹 वैश्विक सप्लाई की चिंताएँ

चीन जैसे देशों द्वारा चांदी की उपलब्धता पर नियंत्रण, खदानों से उत्पादन में कमी और वैश्विक सप्लाई चेन की समस्याएँ कीमतों को ऊपर धकेल रही हैं।

🔹 यूएस ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले समय में अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे चांदी की ओर बढ़ रहा है।

🔹 वैश्विक संकेतों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के भाव भी उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं; कॉमेक्स पर चांदी ने $79.70 प्रति औंस तक का रिकॉर्ड माना गया।

2025 में चांदी का शानदार प्रदर्शन

यह वर्ष चांदी निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा है।
31 दिसंबर 2024 को चांदी का भाव लगभग ₹87,233 प्रति किलो था, जबकि अब यह ₹2.39 लाख से ऊपर पहुँच चुका है — यानी सालभर में लगभग 175% की बढ़ोतरी।

इस बेहद शानदार रिटर्न के कारण निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच चांदी में बढ़ी दिलचस्पी और भी अधिक हो गई है।

सर्राफा बाजार और ज्वेलरी पर असर

चांदी की कीमतों में यह तेज़ी सर्राफा बाजार और ज्वेलरी इंडस्ट्री को भी प्रभावित कर रही है:

दिल्ली, मुंबई, जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में चांदी का भाव आज लगभग ₹2.40 लाख प्रति किलो के आसपास चल रहा है।

शादी और त्योहारों के सीजन में ज्वेलरी का निर्माण पहले से महंगा हो गया है, जिससे खरीद-फरोख्त में सावधानी दिख रही है।

विशेषज्ञों का क्या कहना है?

कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी अब सिर्फ पारंपरिक कीमती धातु नहीं रही; यह अब इंडस्ट्रियल और तकनीकी आवश्यकताओं वाली धातु के रूप में भी उभर रही है।
उनके अनुसार, मांग और सप्लाई के बीच गहरा अंतर इस तेजी का मूल कारण है, और आगामी समय में यह रैली जारी रह सकती है।

कुछ विश्लेषक तो मानते हैं कि अगर चांदी ₹2,40,000 के ऊपर टिके रहती है, तो यह भाव ₹2.50 लाख या इससे भी ऊपर जा सकता है, खासकर 2026 की शुरुआती तिमाहियों में।
mint

निवेशकों के लिए चुनौतियाँ और अवसर
अवसर

✔️ उच्च रिटर्न की संभावना
✔️ सुरक्षित निवेश का विकल्प (बाजार की अस्थिरता के बीच)

जोखिम

कीमतों में उतार-चढ़ाव
सप्लाई-मांग असंतुलन
वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भरता

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और बाजार की स्थितियों का विस्तृत विश्लेषण करें।

संक्षिप्त रूप से — क्या हुआ?

चांदी का भाव ₹2.42 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

पिछले हफ्ते 15% से अधिक की तेजी आई।

वैश्विक वायदा बाजार में भी चांदी ने ऐतिहासिक स्तर छुआ।

औद्योगिक मांग, सप्लाई की कमी और निवेशकों का रुचि मुख्य वजहें हैं।

साल 2025 में चांदी ने लगभग 175% की बढ़त दी।

चांदी की चमक ने न केवल निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लायी है, बल्कि बाजार में एक नई ऊर्जा भी जगायी है। आने वाले हफ्तों और महीनों में यह रैली किस दिशा में जाती है — यह वैश्विक आर्थिक संकेतों, सप्लाई-डिमांड संतुलन और निवेश धारणा पर निर्भर करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *