प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असम दौरा जारी: गुवाहाटी में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, अमोनिया-यूरिया प्लांट की आधारशिला और विकास परियोजनाओं की सौगात

गुवाहाटी/असम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असम दौरा लगातार जारी है और इस दौरान राज्य को विकास, राष्ट्रभक्ति और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश और परियोजनाएँ मिली हैं। दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने अमोनिया-यूरिया प्लांट की आधारशिला रखने के साथ-साथ कई अन्य सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत गुवाहाटी के शहीद स्मारक से की। यहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “भारत की आज़ादी और सुरक्षा उन असंख्य बलिदानों का परिणाम है, जिनकी प्रेरणा से आज देश आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर असम, ने देश के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सीमाओं की सुरक्षा तक, असम के लोगों का योगदान अतुलनीय रहा है।

अमोनिया-यूरिया प्लांट की आधारशिला, किसानों के लिए बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद असम में प्रस्तावित अमोनिया-यूरिया प्लांट की आधारशिला रखी। यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत एक अहम कदम मानी जा रही है। इस प्लांट के शुरू होने से न केवल देश में उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा,
“यह अमोनिया-यूरिया प्लांट सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह भारत के किसानों की समृद्धि से जुड़ा हुआ मिशन है। इससे पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के किसानों को समय पर और सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होगा।”

उन्होंने बताया कि इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे असम और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

असम को विकास की नई रफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान असम के लिए कई अन्य विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की। इनमें सड़क, रेलवे, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा,
“आज का असम संभावनाओं से भरा हुआ है। यहां की युवा शक्ति, प्राकृतिक संसाधन और सांस्कृतिक विरासत, भारत के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम हैं।”

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष ध्यान दे रही है। कनेक्टिविटी बढ़ाने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री और राज्य नेतृत्व की उपस्थिति

प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में असम के मुख्यमंत्री, राज्य के वरिष्ठ मंत्री, सांसद और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में असम ने विकास के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि अमोनिया-यूरिया प्लांट जैसी परियोजनाएँ राज्य के लिए “गेम चेंजर” साबित होंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण आज विकास योजनाएँ तेज़ी से ज़मीन पर उतर रही हैं।

युवाओं और किसानों पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं और किसानों को विशेष रूप से संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से नवाचार, स्टार्टअप और कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं किसानों के लिए उन्होंने कहा कि सरकार उनकी आय बढ़ाने, लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि असम का किसान आत्मनिर्भर बने, उसकी आय बढ़े और उसे अपनी उपज के लिए बेहतर बाज़ार मिले।”

पूर्वोत्तर भारत के रणनीतिक महत्व पर जोर

प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत के रणनीतिक और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का प्रवेश द्वार है, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र से भारत के संबंधों को मज़बूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सीमा क्षेत्रों के विकास, सुरक्षा और व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

जनता में उत्साह, विकास को लेकर उम्मीदें

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर असम की जनता में खासा उत्साह देखा गया। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। विकास परियोजनाओं और रोजगार की संभावनाओं को लेकर लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केंद्र सरकार के इन कदमों से असम की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी और राज्य को राष्ट्रीय विकास की दौड़ में और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह असम दौरा न केवल श्रद्धांजलि और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहा, बल्कि यह विकास, आत्मनिर्भरता और पूर्वोत्तर भारत के समग्र उत्थान का स्पष्ट संदेश लेकर आया। शहीद स्मारक पर नमन से लेकर अमोनिया-यूरिया प्लांट की आधारशिला तक, हर कार्यक्रम में राष्ट्रनिर्माण और जनकल्याण की झलक देखने को मिली।

आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने से असम को औद्योगिक, कृषि और सामाजिक विकास की नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य और देश दोनों को दीर्घकालिक लाभ होगा।

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