
पीएम मोदी का इथियोपिया और जॉर्डन दौरा: भारत के तीन-देशीय मिशन का रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इथियोपिया और जॉर्डन दौरा भारत की सक्रिय, बहु-आयामी और दूरदर्शी विदेश नीति का महत्वपूर्ण अध्याय है। यह दौरा भारत के तीन-देशीय मिशन का हिस्सा है, जिसका मूल उद्देश्य अफ्रीका और पश्चिम एशिया में भारत की रणनीतिक, आर्थिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक उपस्थिति को और मजबूत करना है। वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच यह मिशन भारत के दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को साधने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
तीन-देशीय मिशन: व्यापक दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री का यह मिशन केवल औपचारिक राजनयिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की “ग्लोबल साउथ” नीति, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और रणनीतिक स्वायत्तता के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने का प्रयास है। इथियोपिया और जॉर्डन जैसे देश भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और इनके साथ मजबूत साझेदारी भारत को अफ्रीका–मध्य पूर्व–यूरोप गलियारे में एक प्रभावी शक्ति के रूप में स्थापित कर सकती है।
इथियोपिया: अफ्रीका में भारत की रणनीतिक उपस्थिति
- अफ्रीकी संघ का केंद्र
इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा को अफ्रीका की कूटनीतिक राजधानी कहा जाता है क्योंकि यहां अफ्रीकी संघ (AU) का मुख्यालय स्थित है। प्रधानमंत्री मोदी का इथियोपिया दौरा भारत–अफ्रीका संबंधों को संस्थागत और रणनीतिक स्तर पर मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। यह दौरा भारत की उस नीति को बल देता है जिसमें अफ्रीका को केवल संसाधन-आधारित साझेदार नहीं, बल्कि समान विकास भागीदार के रूप में देखा जाता है।
- आर्थिक और विकास सहयोग
इथियोपिया अफ्रीका की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत यहां:
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास,
फार्मा और स्वास्थ्य,
आईटी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर,
कृषि और खाद्य सुरक्षा
जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। भारतीय कंपनियों की इथियोपिया में मौजूदगी रोजगार सृजन और स्थानीय क्षमता निर्माण में सहायक है, जो भारत की “विन-विन” कूटनीति का उदाहरण है।
- ग्लोबल साउथ की आवाज
भारत G20 और अन्य वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने की बात करता रहा है। इथियोपिया जैसे देशों के साथ निकटता भारत को विकासशील देशों के मुद्दों—जैसे जलवायु न्याय, ऋण राहत और तकनीकी हस्तांतरण—पर अधिक प्रभावी नेतृत्व प्रदान करती है।
जॉर्डन: पश्चिम एशिया में संतुलन और स्थिरता का साझेदार
- भू-राजनीतिक महत्व
जॉर्डन पश्चिम एशिया का एक ऐसा देश है जो राजनीतिक स्थिरता, संतुलित विदेश नीति और शांति प्रयासों के लिए जाना जाता है। भारत के लिए जॉर्डन:
मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया,
आतंकवाद विरोधी सहयोग,
क्षेत्रीय स्थिरता
के लिहाज से एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
- सुरक्षा और रक्षा सहयोग
भारत और जॉर्डन के बीच रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और खुफिया सूचना साझा करने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आतंकवाद, कट्टरपंथ और साइबर खतरों से निपटने में दोनों देशों के साझा हित हैं। प्रधानमंत्री का दौरा इन क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग को नई दिशा दे सकता है।
- ऊर्जा और व्यापार
पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जॉर्डन के साथ सहयोग से:
ऊर्जा विविधीकरण,
ग्रीन एनर्जी,
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी
जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुल सकते हैं। इसके अलावा, भारतीय प्रवासी समुदाय और सांस्कृतिक संपर्क भी द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत कड़ी हैं।
तीन-देशीय मिशन और भारत की वैश्विक रणनीति
- बहुध्रुवीय विश्व में भारत
यह दौरा स्पष्ट करता है कि भारत किसी एक शक्ति-ध्रुव पर निर्भर नहीं है। अफ्रीका और पश्चिम एशिया में सक्रिय कूटनीति भारत को:
रणनीतिक विकल्पों का विस्तार,
आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण,
और वैश्विक निर्णय-निर्माण में अधिक प्रभाव
प्रदान करती है।
- आर्थिक कूटनीति का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ आर्थिक कूटनीति है। निवेश, व्यापार, तकनीकी सहयोग और विकास साझेदारी—इन सभी को एक समन्वित रणनीति के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
- सांस्कृतिक और सॉफ्ट पावर
भारत की सभ्यतागत विरासत, योग, शिक्षा और लोगों से लोगों के संपर्क (People-to-People Ties) इन दौरों के माध्यम से और मजबूत होते हैं। यह भारत की सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर विस्तार देता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इथियोपिया और जॉर्डन दौरा भारत के तीन-देशीय मिशन का महत्वपूर्ण चरण है, जो देश के रणनीतिक हितों को बहुआयामी रूप से आगे बढ़ाता है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देता है, बल्कि भारत को अफ्रीका और पश्चिम एशिया में एक विश्वसनीय, संतुलित और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में स्थापित करता है। बदलती वैश्विक व्यवस्था में ऐसे मिशन भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में उभारने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
