हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क दुर्घटना — कोहरे में कई वाहन आपस में टकराए, आग लगने से दहशत, कई लोगों की मौत व दर्जनों घायल

यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। तेज रफ्तार और बेहद कम दृश्यता के कारण कई वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। हादसे के बाद कुछ वाहनों में आग लगने की भी खबर है, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अनेक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।

कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुबह के समय यमुना एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा छाया हुआ था। दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को सामने चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाया। इसी दौरान एक वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहन टकराते चले गए और देखते ही देखते यह टक्कर श्रृंखलाबद्ध हादसे में बदल गई। कुछ भारी वाहन भी इस दुर्घटना में शामिल हो गए, जिससे टक्कर की तीव्रता और नुकसान दोनों बढ़ गए।

आग लगने से मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद एक-दो वाहनों में आग लगने की खबर सामने आई। आग की लपटें और धुआं उठता देख एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपने वाहनों से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागते नजर आए। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कुछ वाहन पूरी तरह जल चुके थे। आग लगने के कारण कुछ यात्रियों को बाहर निकलने में भी कठिनाई हुई।

राहत और बचाव कार्य

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की टीमें भी जुटी रहीं। क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया, ताकि यातायात बहाल किया जा सके।

मृतकों और घायलों की स्थिति

प्रशासन ने फिलहाल मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जबकि घायलों की संख्या और उनकी पहचान का विवरण जुटाया जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

यातायात प्रभावित, लंबा जाम

दुर्घटना के बाद यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों की ओर यातायात को मोड़ने का प्रयास किया। कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ ने कोहरे और जाम के कारण अपनी यात्रा बीच में ही रोक दी।

प्रशासन की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कोहरे के मौसम में तेज रफ्तार से वाहन चलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने ड्राइवरों से फॉग लाइट का उपयोग करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर वाहन रोकने की सलाह दी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कम दृश्यता और तेज गति इसकी मुख्य वजह हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।”

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस बड़े हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अक्सर सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसके बावजूद कई बार वाहन चालक गति सीमा का पालन नहीं करते। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रॉनिक साइन बोर्ड, स्पीड कंट्रोल सिस्टम और गश्त को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती

हादसे के चश्मदीदों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि लोग घबरा गए। एक यात्री ने कहा, “कोहरा इतना घना था कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक जोरदार टक्कर हुई और उसके बाद कई गाड़ियां एक-दूसरे से भिड़ती चली गईं। कुछ ही देर में आग लग गई और लोग चीख-पुकार करने लगे।”

जांच के आदेश

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना में शामिल वाहनों की संख्या कितनी थी, किस वाहन से टक्कर की शुरुआत हुई और क्या किसी तकनीकी खामी या नियमों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को उजागर करता है। कोहरे और खराब मौसम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। प्रशासन की जिम्मेदारी के साथ-साथ वाहन चालकों की सावधानी भी ऐसे हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। इस दर्दनाक दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

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