
प्रयागराज में नया सर्किल रेट लागू
प्रयागराज में नया सर्किल रेट लागू: 15 दिसंबर 2025 से बदलाव प्रभावी
प्रयागराज (उ.प्र.) — 15 दिसंबर 2025 से जिला प्रयागराज में नया सर्किल रेट लागू कर दिया गया है, जो लगभग तीन साल बाद संपत्ति बाजार में सबसे बड़ा औपचारिक बदलाव है। निबंधन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा अनुमोदित नवीनतम सर्किल रेट सूची अब सभी संपत्ति रजिस्ट्री, खरीद-बिक्री और सरकारी मूल्यों के निर्धारण के लिए लागू होगी। इससे पहले पिछले सर्किल रेट 2 दिसंबर 2022 से लागू था, जिसे अब अपडेट किया गया है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नए रेट को अंतिम रूप दिया गया और राजस्व विभाग द्वारा इसका अधिकारिक अधिसूचना प्रकाशित कर दिया गया। 15 दिसंबर से नए रेट पर संपत्तियों की रजिस्ट्री होगी और उसके अनुसार ही स्टाम्प शुल्क और टैक्स वसूला जाएगा।
सर्किल रेट में कितनी बढ़ोतरी?
नए सर्किल रेट में कुल मिलाकर 5% से लेकर 50% तक की वृद्धि की गई है, जो इलाके के महत्व, मांग, और विकास क्षमता के आधार पर भिन्न-भिन्न है।
प्रमुख बढ़ोतरी के बिंदु:
उच्च मांग वाले इलाकों में hasta 50% तक वृद्धि — विशेष रूप से फ़ुलपुर, सौरांव और करछना तहसीलों के उन हिस्सों में जहां विकास जारी है और आवास-व्यापार गतिविधियाँ तेज़ हैं।
शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में 5% से 15% तक वृद्धि — सदर तहसील के कई हिस्सों में रेट सामान्य रूप से बढ़ाया गया है।
एयरपोर्ट, मार्गों के नज़दीक इलाकों में 30% से 40% तक वृद्धि — जैसे बमरौली और विस्तारित शहरी क्षेत्रों में मांग और इन्फ़्रास्ट्रक्चर के चलते रेट अधिक बढ़े हैं।
नए रेट का विस्तार: किस जगह पर क्या बदलाव?
नए सर्किल रेट न सिर्फ पारंपरिक भूमि और भवनों के लिए हैं, बल्कि इसमें कई नई श्रेणियाँ और नियम भी शामिल किए गए हैं:
residential / आवासीय संपत्ति
ज़मीन और घरों के रेट में प्रति क्षेत्र अलग से वृद्धि लागू है।
पहली मंज़िल तक की संपत्ति पर अलग रेट बढ़ोतरी, जबकि ऊपरी फ़्लैट्स पर अलग-अलग प्रतिशत का प्रभाव होगा।
commercial / व्यावसायिक संपत्ति
शॉप्स, गोदाम, कार्यालयों के लिए अलग रेट तय किए गए हैं।
छोटी दुकानों का सर्किल रेट 25% तक बढ़ाया गया है और जो दुकानें गोदाम के साथ हैं, उन्हें कुछ छूट के साथ 90% मूल्यांकन पर रखा गया है।
सिनेमाघर और मॉल
पहली बार सिनेमाघरों और मॉल के सर्किल रेट को भी सूची में शामिल किया गया है, जिससे इन व्यावसायिक संपत्तियों पर भी वैध और स्पष्ट मूल्यांकन लागू होगा।
कृषि भूमि
शहरी सीमा के पास की कृषि भूमि को अब गैर-कृषि (Non-Agricultural) श्रेणी में रखा गया, जिससे उसका सर्किल रेट बहुत अधिक बढ़ा है — कई गांवों में लगभग 30% तक।
इससे क्यों बदलाव किया गया?
प्रशासन के मुताबिक़ नया सर्किल रेट लागू करने के पीछे कई मुख्य कारण हैं:
बाजार आधारित मूल्यांकन
पुराने रेट अब आज के मौजूदा बाजार मूल्यों से मेल नहीं खाते थे। नवीनतम रेट संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य के अधिक निकट रखे गए हैं, जिससे रजिस्ट्री में सत्यापन बेहतर होगा और फर्जी या कम मूल्यांकन को रोका जाएगा।
राजस्व में वृद्धि
सरकार को उम्मीद है कि नए रेट से राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी, क्योंकि अधिक संपत्तियाँ अब उचित मूल्यांकन के साथ रजिस्ट्री होंगी। कृषि भूमि के गैर-कृषि घोषित होने से भी राजस्व अच्छा मिला है।
निवेश और पारदर्शिता
बढ़े हुए रेट से प्रॉपर्टी निवेश में विश्वास बढ़ेगा और प्रॉपर्टी व्यापार अधिक पारदर्शी होगा। इससे बाजार में संतुलन आएगा और कानूनी विवादों में कमी आएगी।
रजिस्ट्री पर असर
नए सर्किल रेट के लागू होने से संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प शुल्क भी प्रभावित होंगे। जिन संपत्तियों का सर्किल रेट अधिक हुआ है, वहाँ खरीदारों को अधिक रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा, जबकि कुछ कृषि भूमि की छूट या विशेष स्थिति के कारण अलग दरें लागू हैं।
इस बदलाव को लेकर डीएम कार्यालय और निबंधन विभाग ने सभी तहसीलों को मार्गदर्शन जारी कर दिया है ताकि नया रेट प्रणाली सुचारू रूप से लागू हो सके।
संपत्ति बाजार पर प्रभाव
नए रेट को लागू होने से पहले ही संपत्ति रजिस्ट्री में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई, क्योंकि कई खरीदार पहले के कम रेट पर अपने सौदे पूरा करना चाहते थे। दीपावली और नवरात्र जैसे त्योहारों के दौरान भी रजिस्ट्रेशन की संख्या तेजी से बढ़ी।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए सर्किल रेट से:
संपत्ति खरीदने-बेचने में लंबे समय तक स्थिरता और संतुलन आएगा।
लंबी अवधि में रियल एस्टेट निवेश विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगा।
कुछ इलाकों में खरीदारों को बढ़े हुए शुल्क का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया है कि नया सर्किल रेट प्रयागराज को दीर्घकालिक आर्थिक विकास और बेहतर आवासीय-व्यावसायिक योजना के लिए तैयार करेगा। यह रेट न सिर्फ शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
निष्कर्ष
प्रयागराज में 15 दिसंबर 2025 से लागू नया सर्किल रेट रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा परिवर्तन है। इसमें संपूर्ण ज़िले के रेट का पूर्ण पुनर्निर्धारण किया गया है, जिससे:
बाजार-अनुकूल मूल्यांकन होगा
रजिस्ट्री और टैक्स में पारदर्शिता बढ़ेगी
राजस्व में सुधार और गिरावट रोकने में मदद मिलेगी
भविष्य में निवेश के अवसर और संतुलन बनेगा
यह कदम प्रशासन की ओर से अधुनिक रियल एस्टेट व्यापार और रिकॉर्ड-आधारित रजिस्ट्री व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
