
Enforcement Directorate (ED) और Anti‑Terrorism Squad (ATS) की बड़ी कार्रवाई
- आज (11 दिसंबर 2025) सूचना मिली है कि ED और ATS मिलकर लगभग 40 ठिकानों (locations) पर छापेमारी कर रही हैं। ये तलाशी कथित तौर पर Saquib Nachan और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है।
- यह कार्रवाई एक व्यापक आपरेशन का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें एजेंसियाँ कई जगहों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं।
Saquib Nachan कौन थे — संक्षिप्त परिचय
- Saquib Nachan एक पुराना नाम है — वे पहले वर्षो में Students Islamic Movement of India (SIMI) के पदाधिकारी थे।
- 2002–03 में मुंबई में हुए बम धमाकों (ब्लास्ट) कांडों — जिनमें रेलवे स्टेशन आदि पर विस्फोट हुए — में Nachan की भूमिका सुर्खियों में रही थी। उन पर POTA (Terrorism Prevention law) के तहत हथियार रखने और विस्फोटक सामग्री रखने के आरोप थे।
- साल 2017 में जेल की सजा पूरी कर उन्होंने रिहाई पाई थी। लेकिन एजेंसियों का आरोप है कि वे रिहाई के बाद फिर से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हुए, और उनके गांव Padgha (ठाणे जिले, महाराष्ट्र) को उन्होंने कथित रूप से ISIS (आइएसआईएस) का केंद्र घोषित किया था।
- 28 जून 2025 को Nachan की दिल्ली के एक अस्पताल में ब्रेन हेमरेज के बाद मृत्यु हो गई थी।
पिछली कार्रवाई — Padgha, आतंकवाद के संदेह में
- जून 2025 में, महाराष्ट्र ATS और ठाणे ग्रामीण पुलिस ने Padgha में बड़ी छापेमारी की थी। उस दौरान 250 से अधिक पुलिसकर्मी और 20 ATS टीमों ने संयुक्त रूप से लगभग 15–22 स्थानों पर तलाशी ली थी, जिनमें Nachan का घर भी शामिल था।
- अधिकारियों ने बताया था कि छापेमारी “terror-related case” से जुड़ी थी, और शंका थी कि वहां फिर से कट्टरपंथी गतिविधियाँ (radicalisation, हिंसक साजिश आदि) हो रही थीं।
- Padgha नामक यह स्थान — जो एक छोटे गांव से है — दो दशकों से एजेंसियों की नज़र में रहा है। Nachan और उनके परिवार की ज़मीनें और सामाजिक स्थिति, इस इलाके में कड़ा संदेह पैदा करती रही है।
अब इस छापेमारी का मतलब क्या हो सकता है?
- कि अचानक 40-ठिकानों पर छापेमारी — यह सिर्फ रूटिन वॉक-इन नहीं है, बल्कि किसी बड़े, पैमाने पर चल रही जांच का हिस्सा हो सकता है। संभव है कि एजेंसियों के पास नयी खुफिया सूचना आई हो कि Nachan से जुड़े किसी नेटवर्क ने फिर से गतिविधियाँ शुरू की हों।
- ये तलाशी Nachan के परिवार, सहयोगियों, साथी-संदिग्धों, ठिकानों या अन्य परिसरों — जहाँ एजेंसियों को संदेह है — पर हो सकती हैं। “परिवार से जुड़ी लोकेशन” का उल्लेख होना इस बात की ओर इशारा है कि न सिर्फ अकेली व्यक्ति पर, बल्कि उसके संपर्क-जाल पर भी निगाह रखी जा रही है।
- हालांकि, अभी तक मीडिया रिपोर्ट्स में किसी बड़े हथियारों या मनी-लाउंड्रिंग जैसी बरामदगी की जानकारी नहीं आई है; इसलिए परिणाम और मायने स्पष्ट नहीं। एजेंसियों के रुख और आगे की जांच से ही पता चलेगा कि क्या असल में कोई नयी साजिश थी — या यह सुरक्षा-एजेंसियों का एक चौकस कदम है।
इस खबर का पीछे का पिछला इतिहास
- Nachan पर यह आरोप है कि उन्होंने SIMI से जुड़कर कट्टरपंथी गतिविधियों में हिस्सा लिया। बाद में, उनके खिलाफ 2002–03 के मुंबई ब्लास्ट मामले में मुकदमे चले, हथियारों और विस्फोटक रखने का आरोप हुआ, POTA के तहत सजा मिली।
- उनके गांव Padgha को — कथित रूप से — ISIS मॉड्यूल का केन्द्र घोषित किया गया था। आरोप था कि यहाँ हथियारों की ट्रेनिंग, बम-निर्माण, युवा कट्टरपंथी तैयार करने जैसी गतिविधियाँ होती थीं।
- 2023 में, National Investigation Agency (NIA) ने देशव्यापी कार्रवाई के दौरान Padgha में छापेमारी की, और कई सहयोगियों (associates) को गिरफ्तार किया था।
सवाल जो अभी बने हुए हैं
- 40 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी — क्या ये सब सिर्फ Nachan से जुड़े हुए हैं, या किसी बड़े नेटवर्क की जांच है
- क्या एजेंसियों ने कोई अहम सबूत पाया है — हथियार, नकदी, डिजिटल रिम्स, साजिश से जुड़े दस्तावेज — या यह सिर्फ intelligence-based पुर्नसेलाबरी (follow-up) है?
- Nachan की मौत हो चुकी है, फिर भी तलाशी — इसका क्या मतलब है? क्या यह उनके परिवार या साथियों के खिलाफ है — या कुछ और?
- स्थानीय लोगों और समुदाय के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ किस प्रभाव डालेंगी — क्या सुरक्षा बढ़ेगी या भय, शक, अविश्वास का माहौल बनेगा?
