
Droupadi Murmu का मणिपुर दौरा शुरू — दो दिवसीय यात्रा में शांति, विकास और सामंजस्य पर重点; राज्य के लिए महत्वपूर्ण संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 11–12 दिसंबर के अपने दो दिवसीय मणिपुर दौरे की शुरुआत कर दी है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य पिछले महीनों से जातीय तनाव, सामाजिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। राष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि मणिपुर के लिए एक संवेदनशील, रणनीतिक और भावनात्मक कदम माना जा रहा है। उनकी यात्रा का उद्देश्य राज्य में शांति-स्थापना को बढ़ावा देना, लोगों में विश्वास बहाल करना, और विकास की पहलों को नई ऊर्जा देना है।
दौरे का पहला दिन: स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समुदायों से संवाद
राष्ट्रपति मुर्मु के इंफाल पहुंचते ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। राज्य सरकार की ओर से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के बाद राष्ट्रपति सीधे राजभवन रवाना हुईं, जहाँ उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक की।
पहले दिन का प्रमुख हिस्सा सामुदायिक प्रतिनिधियों, महिला समूहों, नागरिक समाज संगठनों और युवा प्रतिनिधियों से संवाद को समर्पित रहा। राष्ट्रपति ने सभी समूहों से मुलाकात कर यह संदेश दिया कि—
“मणिपुर भारत के हृदय का महत्वपूर्ण हिस्सा है; यहाँ शांति और प्रगति सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विविधता मणिपुर की शक्ति है, और यह समय है कि सभी समुदाय आपसी विश्वास और संवाद को बढ़ावा दें।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में भागीदारी — समृद्ध विरासत की सराहना
राष्ट्रपति ने इंफाल में आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक आयोजन में भाग लिया, जहां मणिपुर की समृद्ध नृत्य और कला परंपराओं का प्रदर्शन हुआ। मणिपुरी नृत्य, थांग-टा मार्शल आर्ट, और आदिवासी समुदायों के लोक-नृत्यों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
राष्ट्रपति ने इन प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा—
“मणिपुर की संस्कृति केवल राज्य की पहचान ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर है।”
शांति प्रक्रिया पर जोर — केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की स्पष्ट प्रतिबद्धता
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राज्य में जारी शांति और विश्वास बहाली प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और राज्य प्रशासन से विस्तृत चर्चा की।
मुख्य बिंदु रहे—
- पिछले महीनों के जातीय तनाव के समाधान पर प्रगति।
- प्रभावित क्षेत्रों का आकलन।
- विस्थापित परिवारों की मदद के लिए तेज़ पहल।
- सुरक्षा बलों की तैनाती और शांति-वार्ता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा।
राष्ट्रपति ने कहा कि हिंसा और अविश्वास से बाहर निकलकर विकास और समानता की ओर बढ़ने का समय है। उन्होंने हर वर्ग को शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
विकास परियोजनाओं की समीक्षा और नई पहल को हरी झंडी
अपने दौरे के तहत राष्ट्रपति कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी। इसमें शामिल हैं—
- शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी आधारभूत परियोजनाएँ
- सड़क संपर्क सुधार योजनाएँ
- आदिवासी कल्याण और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम
- डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाएँ
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
महिलाओं और युवाओं पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति मुर्मु की पहचान देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में है। इसलिए वे महिलाओं और युवाओं के मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान देती हैं। मणिपुर दौरे के दौरान उन्होंने छात्राओं, महिला उद्यमियों, और स्वयं सहायता समूहों से बातचीत की।
उन्होंने कहा—
“मणिपुर की महिलाएँ हमेशा सामाजिक नेतृत्व में अग्रणी रही हैं; उनकी भूमिका आगे भी निर्णायक रहेगी।”
राष्ट्रपति ने महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों, स्टार्टअप समर्थन और सुरक्षा से संबंधित उपायों पर भी बल दिया।
दूसरे दिन की संभावित गतिविधियाँ
12 दिसंबर को राष्ट्रपति निम्न गतिविधियों में शामिल होंगी—
- प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
- सुरक्षा समीक्षा बैठक
- विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम
- सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद
- समुदाय आधारित विश्वास बहाली कार्यक्रम
दूसरे दिन की गतिविधियाँ मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर हालात का आकलन और भविष्य की रणनीति को मजबूत करने पर केंद्रित होंगी।
दौरे के व्यापक राजनीतिक और सामाजिक मायने
राष्ट्रपति का यह दौरा निम्न कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
- राज्य में लम्बे समय से जारी तनाव के बीच विश्वास बहाली का प्रयास।
- केंद्र द्वारा राज्य के प्रति संवेदनशीलता और गंभीरता का स्पष्ट संदेश।
- राजनीतिक स्तर पर स्थिरता और प्रशासनिक सक्रियता को बढ़ावा।
- विकास परियोजनाओं में नई गति लाने की पहल।
- जनता में यह संदेश कि संकट के समय देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था उनके साथ खड़ी है।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मणिपुर दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि राज्य के लिए आशा, विश्वास और स्थिरता का महत्वपूर्ण संदेश है। यह दौरा प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ने वाला माना जा रहा है।
उनकी उपस्थिति से यह संदेश भी मजबूती से उभरकर सामने आया है कि—
“मणिपुर अकेला नहीं है — देश उसके साथ है, और शांति व विकास की दिशा में हर कदम पर समर्थन उपलब्ध होगा।”
