
IndiGo विमानन संकट— लगातार देरी व रद्द उड़ानों के बीच, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू आज (दोपहर 12 बजे) इसकी समीक्षा व बयान देंगे।
देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo के अचानक हुए विमान परिचालन संकट के बीच — जिसमें लगातार उड़ानों में देरी और रद्द-बन्दी हुई — शनिवार/संडे से जारी समस्या पर आज दोपहर 12 बजे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu समीक्षा बैठकों और बयान देने जा रहे हैं। इस लेख में हम जानते हैं — हालात क्या हैं, समस्या क्यों आयी, सरकार-एयरलाइन ने क्या कहा, और आगे क्या हो सकता है।
संकट की पृष्ठभूमि
- IndiGo, जो देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है और भारत में करीब 60–65 % हिस्सेदारी रखती है, पिछले कुछ महीनों से तेज़ी से बढ़ रही मांग और सर्दियों की उड़ानों के बोझ को संभालने में मुश्किल झेल रही थी।
- 2025 में लागू हुए नए पायलट व क्रू “Flight Duty Time Limitation (FDTL)” नियमों के तहत, पायलटों व फ्लाइट क्रू को अधिक विश्राम देना अनिवार्य किया गया — रात की लैंडिंग व ज्यादा ड्यूटी घंटे सीमित कर दिए गए।
- सरकार और नियम जारीकर्ता DGCA ने फेज़बद्ध तरीके से लागू करने को कहा था। IndiGo ने शुरुआत में जुलाई 2025 में पहले चरण सफलतापूर्वक लागू किया था।
- लेकिन 1 नवम्बर 2025 से फुल रूप में लागू हुए नियमों के बाद — खासकर रात की लैंडिंग व क्रू-शिफ्टिंग सीमाओं के कारण — एयरलाइन को नई उड़ान शेड्यूल तैयार करने में दिक्कतें आईं। पायलटों, क्रू की संख्या कम पड़ी; एयरलाइन नई भर्ती व शिफ्ट मैनेजमेंट में विफल रही।
परिचालन बर्बादी: देरी और रद्द उड़ानों का सिलसिला
- दिसंबर के पहले से ही घरेलू उड़ानों में भारी व्यवधान शुरू हो गया। नवंबर 2025 में ही IndiGo ने 1,232 उड़ानों को रद्द या प्रभावित बताया था।
- लेकिन हाल के हफ्तों में संकट और गहरा गया: अमूमन हर रोज सैकड़ों-हजारों उड़ानों को रद्द या देर से संचालित किया गया। कई प्रमुख एयरपोर्ट्स — दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद आदि — पर यात्रियों की भारी भीड़ और असुविधा देखने को मिली।
- अकेले कुछ दिनों में हजारों यात्रियों (कहा जा रहा है 5-6 लाख से ज़्यादा) की यात्राएं प्रभावित हुईं।
- इस विफलता के कारण एयरलाइन का ऑन-टाइम प्रदर्शन (OTP) भी गिरा — जहाँ अक्टूबर में सामान्यतः 80 %+ हुआ करता था, वह नवंबर में गिर कर करीब 67.7 % और दिसंबर में और नीचे चला गया।
सरकार व DGCA की प्रतिक्रिया — मंत्री राम मोहन नायडू का रुख
- 4–5 दिसंबर को स्थिति गंभीर होती देख, सरकार व DGCA सक्रिय हुई। पुनरावलोकन और तेज जाँच शुरू हो गयी।
- 8 दिसंबर को संसद (राज्यसभा) में, Minister Ram Mohan Naidu ने स्पष्ट किया कि एयरलाइन की आंतरिक क्रू रोस्टर व परिचालन नियोजन में “गंभीर कमी” रही; उन्होंने कहा कि समस्या “एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस” या तकनीकी गलती से नहीं, बल्कि इंडिगो की लापरवाही से हुई।
- उन्होंने आगाह किया कि यदि एयरलाइन की गलती पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जायेगी — “हर एयरलाइन के लिए मिसाल” बनेगी।
- इसी क्रम में, DGCA ने कहा है कि IndiGo के जहाजों के “कुछ स्लॉट” (फ्लाइट समय/अनुमति) काटे जाएंगे — संभवतः 5 % — और उन स्लॉट्स को अन्य एयरलाइनों को आवंटित किया जाएगा।
- भोजपत्र (Passengers) की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, मंत्री ने IndiGo को 24 घंटे में रिफंड और 48 घंटे में बैगेज दावे (bag-claim) निपटाने का निर्देश दिया है।
- मंत्री ने यह भी दोहराया: “सुरक्षा में समझौता नहीं होगा। CAR नियमों का पालन अनिवार्य है।”
- साथ ही सरकार ने फैसला किया है कि इस शीतकाल में IndiGo का पूरा शेड्यूल नहीं दिया जाएगा — उसका विंटर शेड्यूल काटा जाएगा; इससे परिचालन बोझ कम होगा और अन्य एयरलाइनों को अवसर मिलेगा।
एयरलाइन की सफाई व जिम्मेदारी
- IndiGo ने कहा है कि उड़ान रद्दीकरण व देरी का कारण सिर्फ FDTL नियम नहीं थे — साथ में टेक्निकल समस्याएं, मौसम, एयरपोर्ट ट्रैफिक, व सर्दियों का बढ़ा हुआ शेड्यूल भी जिम्मेदार है।
- एयरलाइन की तरफ़ से यात्रियों के लिए माफी, रिफंड और रि-शेड्यूलिंग के विकल्प दिए जा रहे हैं।
- इसके अतिरिक्त, IndiGo ने एक क्राइसिस-मैनेजमेंट समूह बनाया है जो परिचालन को जल्द स्थिर करने और भविष्य में ऐसी विफलताओं की पुनरावृत्ति न हो, इस पर काम कर रहा है।
मौजूदा चुनौतियाँ व सवाल
- यात्रियों की भरोसा टूट गया — कई जगहों पर इंतज़ार रात भर, बेगार बैग, रिफंड में देरी, और बेवजह असुविधा देखने को मिली।
- विरोधी दलों व आलोचकों ने कहा है कि यह उदाहरण दिखाता है कि जब एक एयरलाइन के पास इतनी विशाल बाज़ार हिस्सेदारी हो, तो एक समस्या सम्पूर्ण विमानन चेन को प्रभावित कर सकती है; इसे “मोनोपॉली मॉडल” की विफलता कहा गया।
- अगर सरकार व एयरलाइन भविष्य में पायलट/क्रू व्यवस्था, शिफ्ट योजना, क्रू रिक्रूटमेंट आदि पर पर्याप्त सुधार नहीं करती — तो फिर से वही हलचल हो सकती है।
- यात्रियों का विश्वास फिर से जीतना आसान नहीं, खासकर उन लोगों का जिनकी यात्रा योजनाएं बिगड़ीं।
आज की समीक्षा — उम्मीद क्या है
आज दोपहर 12 बजे प्रयोजन है कि Minister Ram Mohan Naidu:
- पूरी स्थिति का विस्तृत ब्योरा देंगे — रद्द उड़ानों, देरी, बैगेज क्लेम व रिफंड की स्थिति।
- तय करेंगे कि DGCA व सरकार किस प्रकार का कानूनी या नियामक एक्शन लेना चाहती है — चाहे लाइसेंस कटौती हो, स्लॉट कटौती हो, या अन्य पाबंदियाँ।
- एयरलाइंस व यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भरोसा दुहराएँगे और भविष्य में ऐसी हलचल रोकने के लिए कदमों का ऐलान करेंगे।
- पूरे विमानन क्षेत्र को संदेश देना चाहते हैं — “कोई भी एयरलाइन नियमों व यात्रियों की परेशानियों को हल्के में नहीं ले सकती।”
निष्कर्ष
IndiGo संकट भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक चेतावनी बन कर सामने आया है। यात्री सुविधाओं, ऑपरेशनल तैयारी, पायलट/क्रू प्रबंधन — इन सब पर अब सख्त निगरानी व जवाबदेही ज़रूरी बन गयी है। आज Minister Ram Mohan Naidu की समीक्षा एवं बयान महत्वपूर्ण इसलिए भी हैं क्योंकि वे यह तय करेंगे कि भविष्य में इंडिगो जैसा बड़े कारखाने में हुई लापरवाही कितने गंभीर परिणाम दे सकती है — और सरकार व नियामक संस्थाएँ उसे किस तरह नियंत्रित करेंगी।
