Airbus A320 विमानों में ‘सोलर रेडिएशन’ के आरोप — भारत में करीब 350 उड़ानों पर असर

हाल ही में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है — Airbus A320 परिवार के विमानों में ‘सोलर रेडिएशन’ (सौर विकिरण) की वजह से उड़ान-नियंत्रण (flight-control) डेटा प्रभावित होने की संभावना पाई गई है।
इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए Airbus ने दुनिया भर में अपने A320-फ्लैट परिवार (A320, A321, A319 आदि) विमानों के लिए आपातकालीन सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर अपडेट जारी किया है।
भारत, जहाँ A320-फैमिली विमानों की संख्या बड़े पैमाने पर है, इस समस्या से सीधे प्रभावित हुआ है — देश में कई A320 विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड करना पड़ा है।

सोलर रेडिएशन — समस्या क्या है

  • समस्या की शुरुआत एक घटना से हुई, जिसमें एक A320 विमान में “इंटेंस सोलर रेडिएशन” (very high solar particle / radiation activity) ने उड़ान नियंत्रण से जुड़ा डेटा भ्रष्ट (corrupt) कर दिया।
  • उड़ान नियंत्रण प्रणाली (flight-control systems), जैसे ELAC (Elevator Aileron Computer) — जो विमानों के नियंत्रण पटल (विंग, एलिवेटर आदि) को संचालित करती है — बेहद संवेदनशील होती है।
  • Airbus के अनुसार, इस सोलर विकिरण (solar radiation) की तीव्रता इतनी थी कि यह डेटा करप्शन (data corruption) का कारण बन सकती है, जिससे विमान की स्थिरता (stability) और नियंत्रण (control) प्रभावित हो सकता था।
  • इस जोखिम को देखते हुए Airbus ने यह फैसला लिया है कि प्रभावित विमानों को उड़ान भरने से पहले सॉफ़्टवेयर अपडेट या आवश्यक हो तो हार्डवेयर बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। भारत में स्थिति — प्रभावित विमान और एयरलाइंस
  • भारत में A320-फैमिली विमानों को चलाने वाली प्रमुख एयरलाइंस: IndiGo, Air India, और Air India Express।
  • अनुमान है कि भारत में इन एयरलाइंस के 200–250 विमानों में सॉफ़्टवेयर बदलाव की जरूरत है।
  • कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल 350 से अधिक विमान (A320-फैमिली) ग्राउंड किए गए हैं, ताकि आवश्यक अपडेट लागू किया जा सके।
  • भारत में प्रमुख विमान ऑपरेटरों के बेड़े की कुल संख्या — लगभग 560 A320-फैमिली विमान — बताए जा रहे हैं। उड़ानों पर असर — देरी, रद्द, और असुविधा
  • सॉफ़्टवेयर/हार्डवेयर अपडेट के कारण, कई विमानों को अस्थायी रूप से जमीन पर खड़ा करना पड़ा।
  • इससे उड़ानों में देरी (delays) की संभावना बनी हुई है, कुछ उड़ानें रद्द (cancellation) भी हो सकती हैं।
  • एयरलाइंस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपने फ्लाइट स्टेटस (app या वेबसाइट) की जांच करते रहें।
  • हालांकि, Airbus का कहना है कि अधिकांश विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट केवल कुछ घंटों में किया जा सकता है — लेकिन हार्डवेयर अपडेट वाले पुराने विमान (approx 1000 globally) खातिर अधिक समय लगेगा।
  • भारती एयरलाइंस का कहना है कि वे प्रक्रियात्मक अपडेट तत्काल कर रही हैं, लेकिन फिर भी परिचालन व शेड्यूल पर असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय संदर्भ — यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं
  • Airbus ने कहा है कि यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। वैश्विक स्तर पर A320-फैमिली के लगभग 6,000 विमान प्रभावित हो सकते हैं — यानी दुनिया भर में पैदलियों और उड़ानों में व्यापक व्यवधान की संभावना।
  • कई यूरोपीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपने उड़ानों में रद्दीकरण या शेड्यूल बदलाव की चेतावनी दी है।
  • इसके पीछे कारण है कि सोलर एक्टिविटी (solar storms / high-energy solar radiation) — जो कभी-कभी बहुत तीव्र हो सकती है — आधुनिक विमानों की इलेक्ट्रॉनिक्स व सॉफ्टवेयर प्रणालियों के लिए खतरा बन सकती है। यह मुद्दा विमानन सुरक्षा व भविष्य की योजना दोनों के लिए गंभीर है। सुरक्षा व विमानन उद्योग के लिए संकेत
  • यह घटना बताती है कि आधुनिक विमानों में सॉफ्टवेयर व इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की निर्भरता जितनी बढ़ी है, उतना ही सोलर एक्टिविटी जैसे प्राकृतिक खतरों का प्रभाव भी गंभीर हो सकता है।
  • एयरबस व अन्य विमान निर्माताओं को अब भविष्य में अपने विमानों की डिजाइन व सॉफ्टवेयर संरचना में — सोलर विकिरण से सुरक्षा के लिए — विशेष ध्यान देना होगा।
  • एअरलाइंस को भी आपातकालीन अपडेट मैकेनिज्म स्थापित करना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर समय रहते प्रतिक्रिया दी जा सके।
  • यात्रियों व हवाई अड्डों को भी अलर्ट रहना होगा कि उड़ानों में देरी या रद्दीकरण संभव है — खासकर तब जब बड़े पैमाने पर बेड़े को अपडेट किया जा रहा हो। वर्तमान प्रयास और सुधार
  • Airbus ने प्रभावित विमानों के लिए “Alert Operators Transmission (AOT)” और उसके बाद एक आपातकालीन “एयरवर्थिनेस निर्देश (Emergency Airworthiness Directive)” जारी किया है।
  • भारत में, IndiGo और Air India (सहित अन्य एयरलाइंस) ने कहा है कि वे प्रस्तावित अपडेट तुरंत लागू कर रही हैं, ताकि विमान जल्द से जल्द उड़ानों पर लौट सकें।
  • Airbus ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इससे यात्रियों तथा उड़ान-कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निष्कर्ष

Airbus A320 — जो कि दुनिया में सबसे लोकप्रिय single-aisle विमानों में से एक है — में एक अप्रत्याशित लेकिन गंभीर जोखिम सामने आया है। सोलर रेडिएशन के कारण उड़ान-नियंत्रण डेटा भ्रष्ट हो सकता है, जिससे विमान की सुरक्षा व संचालन पर असर पड़ सकता था। इस खतरे को देखते हुए Airbus ने विश्व स्तर पर तत्काल सॉफ़्टवेयर/हार्डवेयर अपडेट का आदेश दिया है।
भारत में, जहां A320-फैमिली विमानों का व्यापक उपयोग है, 200–350 के आसपास विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड करना पड़ा है। इससे यात्रियों को देरी व असुविधा हो सकती है; हालांकि एयरलाइंस व विमान निर्माता कंपनी ने इसे जल्द ठीक करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
यह घटना न केवल विमानन सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया है कि प्राकृतिक (प्राकृतिक विज्ञान) खतरों — जैसे सोलर विकिरण — का विमानन उद्योग पर कितना व्यापक असर हो सकता है। भविष्य में इस तरह की चुनौतियों के लिए विमान निर्माण, डिज़ाइन, सॉफ्टवेयर विकास व सुरक्षा प्रोटोकॉल में संशोधन आवश्यक होंगे।

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