आज का प्रमुख — योग-ध्यान कार्यक्रम का उद्घाटन
आज यानी 28 नवंबर 2025 को द्रौपदी मुर्मू राजधानी Lucknow में विशेष योग-ध्यान कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी।
यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है Brahma Kumaris द्वारा, जिसका उद्देश्य है — “विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान (योग)”। ([Brahma Kumaris |
उद्घाटन समारोह दोपहर 12 बजे शुरू होगा
उनका स्वागत भव्य मयूर नृत्य से किया जाएगा, और स्वागत के लिए रंगोली तो 마련 की गई है।
कार्यक्रम — कहाँ और कौन-कौन मौजूद रहेंगे
आयोजन स्थल: सुलतानपुर रोड स्थित गुलजार उपवन राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ। ([Brahma Kumaris |
इस कार्यक्रम में इस वर्ष के लिए Bramha Kumaris का वार्षिक विषय “Meditation for World Unity and Trust” लॉन्च किया जा रहा है।
उपस्थित गणमान्य लोग: साथ में होंगे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और Bramha Kumaris की संयुक्त प्रमुख प्रशासिका संतोष दीदी।
इस पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
संस्था का कहना है कि यह ध्यान-योग अभियान “विश्व एकता व विश्वास हेतु” है — अर्थात मानवता, आंतरिक शांति और सामूहिक सद्भाव को बढ़ावा देना।
Bramha Kumaris ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन का नहीं, बल्कि उनके लिए वर्ष 2025–26 की वार्षिक थीम का आरंभ है।
इस पहल के ज़रिए — वेतनभोगी, युवाओं, महिलाओं — हर वर्ग में तनाव-मुक्ति, मानसिक संतुलन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास की दिशा में लोगों को जोड़ने का प्रयास है।
प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्थाएँ
कार्यक्रम के मद्देनज़र शहर में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है।
आगमन मार्ग, एयरपोर्ट (अमौसी), प्रमुख चौराहों आदि पर यातायात व निरीक्षण का विशेष प्रबंध है ताकि कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे।
👥 महत्त्व — सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से
- *मानसिक शांति व तनाव मुक्ति — आज के तेज़-तर्रार जीवन में योग-ध्यान से मन को स्थिरता मिलती है, जो सामाजिक और पारिवारिक जीवन के लिए लाभदायक है।
- *समानता व एकता का संदेश — “विश्व एकता और विश्वास” का उद्देश्य समाज में पुनः आपसी भरोसा, भाईचारा एवं सद्भाव जगाना है।
- *आध्यात्मिक जागरूकता — तन और मन दोनों के कल्याण की ओर समाज को मोड़ने का प्रयास, जिससे लोग सिर्फ भौतिक नहीं बल्कि आत्मिक रूप से भी मजबूत बनें।
- *संस्थागत सहयोग — Bramha Kumaris जैसे संगठनों के साथ राष्ट्रग्राम स्तर पर जुड़ाव को बढ़ावा, जिससे साधना और सामाजिक उत्थान का सामंजस्य स्थापित हो। निष्कर्ष
आज लखनऊ में होने वाला यह योग-ध्यान कार्यक्रम केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक प्रकार की पहल है — शांति, आत्म-जागरूकता, सामूहिक सद्भाव और आंतरिक विश्वास की ओर। जब राष्ट्राध्यक्ष जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी इसे उद्घाटित करेंगी, तो इस पहल की सामाजिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।
