
संसद: शीतकालीन सत्र और हंगामा
- Parliament Winter Session 2025 आज (1–2 दिसंबर) से शुरू हुआ, और यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा।
- पहले दिन से ही Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची सुधार को लेकर हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी दलों ने SIR पर व्यापक बहस की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन तय समयसीमा थोपना कठिन है।
- सत्तापक्ष की ओर से यह बयान आया कि संसद में “ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए” — यानी व्यक्तिगत राजनीतिक विवादों के बजाए जनता के हित के मुद्दों पर काम होना चाहिए।
- विपक्ष में, Mallikarjun Kharge ने आरोप लगाया कि सरकार पारंपरिक संसदीय मर्यादा को तोड़ रही है।
- गौरतलब है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल लाए जाने वाले हैं — जिनमें शामिल है Atomic Energy Bill 2025, जो निजी क्षेत्र को न्यूक्लियर ऊर्जा-उत्पादन में निवेश की अनुमति देने से जुड़ा है।
सार यह है कि शीतकालीन सत्र की शुरुआत विवादों व राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से हुई। यदि सरकार व विपक्ष आपसी समझ से न चलें, तो यह सत्र भी पिछली तरह बेकार हो सकता है — जबकि देश आर्थिक, सुरक्षा व पर्यावरण जैसे संवेदनशील मुद्दों की अपेक्षा कर रहा है।
दिल्ली-NCR: वायु-प्रदूषण की गंभीर स्थिति
- दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता फिर से गिर गई है — राजधानी में AQI 331 तक पहुँच गया, जिससे हवा “बहुत खराब (very poor)” श्रेणी में आ चुकी है।
- कुछ जगहों — जैसे नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा — में प्रदूषण और अधिक गंभीर: नोएडा में AQI 524, ग्रेटर नोएडा 466, गाजियाबाद 424 दर्ज किया गया।
- यह स्थिति केवल पराली जलाने से नहीं है — एक ताज़ा अध्ययन, Centre for Science and Environment (CSE) के अनुसार, वाहन-धुएँ (PM2.5, NO₂, CO) और ट्रैफिक-घंटों के आसपास प्रदूषण चरम पर पहुंचता है।
- राजधानी में वायु-गुणवत्ता में सुधार से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठ चुके हैं। आज लोकसभा में भी वायु प्रदूषण को लेकर चर्चा हुई — सांसदों ने केंद्र से पूछा कि क्या फंड व नीतिगत प्रतिबद्धता पर्याप्त है।
- साथ ही, सर्दी की शुरुआत व कोहरे की संभावना से हालात और बिगड़ने का खतरा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं — बच्चों, बुजुर्गों और पहले से श्वसन रोगों वाले लोगों को घर में रहने, मास्क पहनने व वायु-शुद्धिकरण जैसे इंतज़ाम करने की सलाह दी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय व विदेश नीति के संकेत
- रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की भारत यात्रा 4–5 दिसंबर को होनी है। यह उनके लिए 2021 के बाद पहली भारत यात्रा होगी। यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय व आर्थिक समझौते होने की संभावना है।
- यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक ऊर्जा-भू-राजनीति व तेल आयात को लेकर चुनौतियाँ बढ़ी हुई हैं; इसलिए दोनों देशों की वाणिज्यिक, आर्थिक व सामरिक साझेदारी पर ध्यान रहेगा।
- इस तरह, पाकिस्तान, चीन-अमेरिका जैसे पड़ोसी व महाशक्तियों के बीच नज़रिए बदलते समय में, भारत-रूस का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। खेल और अन्य क्षेत्र
- हाल ही में संपन्न हुए 2025 World Para Athletics Championships में भारत ने इतिहास रचा — यह पहली बार था जब यह चैंपियनशिप भारत में हुई और दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हुई।
- भारत की मेजबानी ने देश में पैरा-एथलेटिक्स की स्वीकार्यता व लोकप्रियता को नया आयाम दिया है। इससे भविष्य में पैरालिंपिक जैसे आयोजनों की भी संभावना बढ़ी है।
- इस तरह के आयोजन सामाजिक समावेश व खेल जन-जागरूकता के लिए सकारात्मक संकेत हैं। सार — हमारे लिए मायने
- संसद का शीतकालीन सत्र महत्वपूर्ण लेकिन विवादित शुरुआत के साथ हुआ; यदि विपक्ष व सरकार रचनात्मक ढंग से आगे नहीं आए, तो राष्ट्रीय मुद्दे — जैसे अर्थ, सुरक्षा, पर्यावरण — प्रभावित हो सकते हैं।
- दिल्ली-NCR में वायु-प्रदूषण फिर चरम पर — यह नगरों में बसने वाले हर वर्ग के लिए स्वास्थ्य संकट बन चुका है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
- रूस यात्रा व भारत-दुनिया के राजनैतिक बदलाव आपको भविष्य की भू-राजनीति व आर्थिक नीतियों पर नजर रखने का संकेत देती है।
- खेल के क्षेत्र में भारत ने फिर एक बार दिखाया कि “समावेशी” व “प्रगति-मुखी” आयोजन कर सकता है — यह देश की संकल्पना व सामाजिक प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है।
