रेलवे में बेहतर भोजन सुविधा शुरू: यात्रियों को मिलेगा स्वाद, स्वच्छता और गुणवत्ता का भरोसा

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए रेलवे में बेहतर भोजन सुविधा की एक नई पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वाद, पारदर्शिता और किफायती दरों को सुनिश्चित करना है। देश की जीवनरेखा माने जाने वाले भारतीय रेलवे से रोज़ाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं, ऐसे में भोजन व्यवस्था का सुदृढ़ होना यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी थी यह पहल

पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों द्वारा रेलवे भोजन को लेकर कई शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें खराब गुणवत्ता, अधिक कीमत, अस्वच्छ रसोई, तय मेनू का पालन न होना और कर्मचारियों के व्यवहार से जुड़ी समस्याएँ प्रमुख थीं। सोशल मीडिया और उपभोक्ता मंचों पर भी इन मुद्दों को बार-बार उठाया गया। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए रेलवे और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने मिलकर भोजन व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने का फैसला किया।

नई भोजन नीति की प्रमुख विशेषताएँ

रेलवे की इस नई पहल के तहत कई स्तरों पर सुधार किए गए हैं:

  1. गुणवत्ता और स्वच्छता पर सख्त निगरानी
    रेलवे ने फूड सेफ्टी और हाइजीन मानकों को अनिवार्य कर दिया है। अब बेस किचन, पेंट्री कार और स्टेशन स्टॉल पर FSSAI के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन होगा। नियमित निरीक्षण, अचानक छापे और सैंपल टेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।
  2. मानकीकृत मेनू और पारदर्शी कीमतें
    अब ट्रेनों में मिलने वाला भोजन एक मानक मेनू के अनुसार होगा, जिसमें कीमतें स्पष्ट रूप से लिखी होंगी। यात्रियों को ओवरचार्जिंग से बचाने के लिए मेनू कार्ड को कोच और पेंट्री में प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
  3. क्षेत्रीय और स्थानीय स्वाद पर जोर
    नई योजना के तहत यात्रियों को उनके क्षेत्र के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। जैसे—दक्षिण भारत की ट्रेनों में इडली-सांभर, उत्तर भारत में दाल-रोटी, पूर्वी भारत में चावल आधारित भोजन और पश्चिम में स्थानीय व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं।
  4. ई-कैटरिंग सेवा का विस्तार
    रेलवे ने ई-कैटरिंग को और मजबूत किया है, जिसके तहत यात्री मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपनी पसंद का भोजन ऑर्डर कर सकते हैं। इससे यात्रियों को ब्रांडेड, स्वच्छ और भरोसेमंद भोजन मिलने लगा है।

तकनीक का इस्तेमाल: डिजिटल निगरानी और फीडबैक

रेलवे ने भोजन व्यवस्था में सुधार के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग शुरू किया है। अब यात्री QR कोड स्कैन कर सीधे फीडबैक दे सकते हैं। इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए रेल मदद ऐप और हेल्पलाइन नंबर को और सक्रिय बनाया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 24 घंटे के भीतर शिकायतों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है।

पेंट्री कार और बेस किचन में बदलाव

नई पहल के तहत पेंट्री कारों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

  • आधुनिक उपकरण
  • साफ-सुथरी वर्दी में स्टाफ
  • ग्लव्स और हेयर कैप का अनिवार्य उपयोग
  • खाना बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता

बेस किचन में भी सीसीटीवी निगरानी, नियमित सैनिटाइजेशन और कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

रेलवे की इस पहल को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कई यात्रियों का कहना है कि अब भोजन पहले की तुलना में बेहतर, ताजा और स्वादिष्ट हो गया है। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव राहत भरा है।

हालाँकि कुछ यात्रियों का मानना है कि यह सुधार अभी सभी ट्रेनों और स्टेशनों पर समान रूप से लागू नहीं हुआ है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक चरणबद्ध प्रक्रिया है और आने वाले महीनों में देशभर में इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।

रेलवे कर्मचारियों और वेंडरों की जिम्मेदारी

रेलवे ने भोजन उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों और वेंडरों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

  • बार-बार शिकायत मिलने पर ठेका रद्द किया जाएगा
  • अच्छे प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को प्रोत्साहन
  • कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम

इससे सेवा प्रदाताओं में भी जिम्मेदारी और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है।

स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान

नई भोजन सुविधा में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण संतुलन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कम तेल, कम मसाले और पौष्टिक भोजन विकल्पों को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों के लिए हल्के भोजन विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

भविष्य की योजनाएँ

रेलवे मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में:

  • ऑर्गेनिक और मिलेट आधारित भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा
  • स्टेशनों पर फूड कोर्ट मॉडल विकसित किए जाएंगे
  • अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रीमियम भोजन सेवाएँ शुरू होंगी

इन पहलों का उद्देश्य भारतीय रेलवे को केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि एक बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने वाली सेवा बनाना है।

निष्कर्ष

रेलवे में बेहतर भोजन सुविधा की शुरुआत यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। यदि इस पहल को पूरी ईमानदारी, सख्ती और निरंतर निगरानी के साथ लागू किया गया, तो यह न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ाएगी बल्कि भारतीय रेलवे की छवि को भी मजबूत करेगी।
कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि रेल यात्रा अब केवल सफर नहीं, बल्कि एक बेहतर अनुभव बनने की ओर बढ़ रही है।

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