
बोंडी बीच गोलीबारी में मौतों की संख्या बढ़ी
बोंडी बीच गोलीबारी: मौतों की संख्या बढ़कर 16 तक पहुँची — एक भयावह आतंकी हमला
सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत, बड़ा आतंकवादी हमला बताया जा रहा है।
सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 15 दिसंबर 2025:
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के प्रसिद्ध बोंडी बीच पर रविवार (14 दिसंबर) शाम को हुई भीषण गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिसमें एक 10-साल का बच्चा भी शामिल है। यह घटना उस समय हुई जब यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का (Chanukah) के उत्सव में शामिल थे — एक ऐसा त्यौहार जो सर्दियों में मनाया जाता है।
गोलीबारी को पुलिस और अधिकारियों ने तात्कालिक रूप से आतंकवादी हमला बताया है, और यह घटना ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की सबसे भयानक सार्वजनिक गोलाबारी में से एक के रूप में दर्ज की जा रही है।
हमले का विस्तृत क्रम
शाम करीब 7 बजे (स्थानीय समय) अरचर पार्क में ‘Chanukah by the Sea’ नामक कार्यक्रम में लगभग 1,000 से अधिक लोग मौजूद थे। अचानक दो आतंकवादियों ने हथियार उठाकर बेकाबू फायरिंग शुरू कर दी, जिससे अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
गोलियों की आवाज़ें और आतंक का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि असाधारण रूप से तेज़ गोलियों की आवाज़ें सुनाई दीं और लोग रेतीले बीच पर चीखते हुए भागते नजर आए। कुछ लोग अपने बच्चों को लेकर समुद्र की ओर दौड़े, तो कई लोग बगल के पार्क और दुकानों में छिप गए।
हमलावर कौन थे?
पुलिस ने बताया है कि हमला दो व्यक्तियों द्वारा किया गया, जिन्हें अब पिता-पुत्र के रूप में पहचाना गया है:
एक 50 वर्षीय पिता — हमले के दौरान मारा गया।
दूसरा 24 वर्षीय बेटा — गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में है और हिरासत में लिया गया है।
आशंका जताई जा रही है कि हमला विशेष रूप से यहूदी समुदाय को लक्ष्य करके किया गया था, और इसलिए इसे घोर अन्टिसेमिटिक (यहूदियों के खिलाफ) हमला माना जा रहा है। पिछले एक साल में ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों के खिलाफ नफरत-भरे घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो इस हमले के संदर्भ को और गंभीर बनाती है।
कुल मृतक और घायल
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के अनुसार, अब तक की पुष्टि के अनुसार:
16 लोग मारे गए, जिनमें आम नागरिक, एक बच्चा और हालाँकि एक संदिग्ध भी शामिल है।
करीब 40 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
कुछ रिपोर्टों में पुलिस कर्मियों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, और अधिकारी मृतकों की पहचान जारी कर रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मृतकों में विभिन्न उम्र के लोग शामिल हैं, जिनकी उम्र 10 से 87 वर्ष के बीच है।
पुलिस और आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद न्यू साउथ वेल्स पुलिस और विशेष बल बोंडी बीच पर पहुँचे और इलाके को सील कर दिया। स्थानीय पुलिस आयुक्त मल लेंयन ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि यह मामला आतंकवादी घटना की श्रेणी में आता है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस ने संदिग्धों के वाहन और आसपास के क्षेत्रों में संभावित विस्फोटक उपकरण (IEDs) भी पाए हैं, जिन्हें बाद में निष्क्रिय कर दिया गया।
दुनिया भर से प्रतिक्रियाएँ
ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इसे “शुद्ध बुराई का आतंकवादी हमला” करार दिया और जनता से शांति बनाए रखने का आवाह्न किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की हिंसा का कोई समर्थन नहीं करेगी और इसका मुकाबला करेगी।
भारत और अन्य देशों
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है और आघातग्रस्तों के साथ खड़ा है।
News on Air
दुनिया भर के कई नेताओं और युनाइटेड नेशंस जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस हमले की निन्दा करते हुए शांति और सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया है।
समुदाय पर प्रभाव और सुरक्षा चिंता
बोंडी बीच पर यह गोलीबारी एक ऐसा क्षेत्रीय और वैश्विक शैडो बन गई है जहाँ पर्यटक, स्थानीय लोग और विविध समुदाय नियमित रूप से आते-जाते हैं। इस हमले ने न केवल यहूदी समुदाय में भय पैदा किया है, बल्कि सामान्य नागरिकों में भी सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
स्थानीय समुदायों में सामूहिक शोक है और लोग सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा कर रहे हैं। वहीं पुलिस और सरकार ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी जाएगी ताकि इसी तरह की घटनाएँ भविष्य में रोकी जा सकें।
घटनास्थल की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शी बयान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोलीबारी के दौरान लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगाई, कुछ ने पास के रेस्तराओं और दुकानों के अंदर शरण ली, जबकि कई घायल लोग जमीन पर पड़े थे और मदद का इंतज़ार कर रहे थे।
एक वीडियो में एक व्यक्ति को दिखाया गया है जिसने एक हमलावर पर हिम्मत करके हमला किया और उसकी बंदूक छीन ली, हालांकि वो भी गोली लगने से घायल हो गया।
अविश्वसनीय त्रासदी और आगे की जांच
पुलिस अब यह भी देख रही है कि क्या हमले में कोई तीसरा व्यक्ति शामिल था और संदिग्धों के पास से मिले उपकरणों और उनकी पृष्ठभूमि के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है। इससे पहले संदिग्धों के बारे में कुछ खुफिया सूचनाएँ थीं, लेकिन उन्हें ‘तत्काल खतरा’ के रूप में पहचान नहीं दिया गया था, जिससे बाद में आलोचना उभरी है।
समापन
यह हमला न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक भयानक चेतावनी बन गया है कि नफरत, असहिष्णुता और आतंकवाद किस तरह से भयानक परिणाम दे सकते हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए यह समय अत्यंत कठिन है, और घायल लोगों के स्वास्थ्य में सुधार की कामना सभी कर रहे हैं।
आज बोंडी बीच का शांति-पसंद माहौल एक भयानक योग्यता के निशान पर खड़ा है — यह याद दिलाता है कि आतंकवाद और घृणा के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
