
क्रिसमस के उल्लास में डूबा देश, बैंक–स्कूल–सरकारी कार्यालय बंद, चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं
नई दिल्ली। 25 दिसंबर को क्रिसमस पर्व के अवसर पर पूरे देश में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व भारत सहित विश्वभर में श्रद्धा, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। क्रिसमस के कारण आज देशभर में बैंक, स्कूल, कॉलेज और अधिकांश सरकारी कार्यालय बंद हैं। सार्वजनिक और निजी संस्थानों में अवकाश होने से लोगों को अपने परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने का अवसर मिला है।
चर्चों में विशेष आयोजन और प्रार्थनाएं
क्रिसमस की पूर्व संध्या से ही चर्चों में विशेष प्रार्थनाओं और कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। देर रात तक कैंडल लाइट सर्विस, कैरल सिंगिंग और मिडनाइट मास का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, गोवा, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में चर्चों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और सितारों से सजाया गया। कई जगहों पर यीशु मसीह के जन्म की झांकी (क्रेच) भी बनाई गई, जिसे देखने के लिए लोग उमड़ पड़े।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
त्योहार के मद्देनज़र बड़े शहरों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चर्चों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
बाजारों और पर्यटन स्थलों पर रौनक
क्रिसमस के अवसर पर बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। केक, चॉकलेट, मिठाइयों, सजावटी सामान और उपहारों की दुकानों पर भीड़ उमड़ी हुई है। खासतौर पर क्रिसमस केक की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। बेकरी और होटल उद्योग के लिए यह समय कारोबार के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। वहीं, कई लोग इस अवकाश का लाभ उठाकर पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। गोवा, शिमला, मनाली, केरल और पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार हैं।
बच्चों और युवाओं में खास उत्साह
क्रिसमस बच्चों के लिए सबसे पसंदीदा त्योहारों में से एक है। सैंटा क्लॉज की पोशाक पहने लोग, बच्चों को तोहफे बांटते नजर आए। स्कूल बंद होने से बच्चों में खास उत्साह है। कई जगहों पर स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा क्रिसमस फेयर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और चैरिटी इवेंट आयोजित किए गए। युवाओं के बीच क्रिसमस पार्टी और दोस्तों के साथ समय बिताने का चलन भी देखने को मिला।
सरकारी और निजी संस्थानों में अवकाश
25 दिसंबर को क्रिसमस के कारण देशभर में बैंक बंद हैं, जिससे आज बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं। स्कूल, कॉलेज और कई निजी कार्यालयों में भी अवकाश घोषित किया गया है। सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप रहा, जिससे आम नागरिकों को पहले से ही अपने जरूरी कार्य निपटाने की सलाह दी गई थी।
सामाजिक सद्भाव और सेवा का संदेश
क्रिसमस केवल उत्सव का ही नहीं, बल्कि सेवा और करुणा का भी संदेश देता है। इस अवसर पर कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने गरीबों, अनाथ बच्चों और जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण, कपड़े और उपहार बांटने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए। चर्चों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सामुदायिक भोज (कम्युनिटी फीडिंग) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग लिया। इससे सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिला।
राजनीतिक और सामाजिक नेताओं की शुभकामनाएं
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। अपने संदेशों में नेताओं ने प्रेम, शांति और सद्भाव के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह के जीवन और शिक्षाएं समाज को मानवता, सेवा और त्याग का मार्ग दिखाती हैं।
परिवहन सेवाएं सामान्य
अवकाश के बावजूद देशभर में परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। रेलवे और हवाई सेवाओं में कोई विशेष बदलाव नहीं किया गया, हालांकि यात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी गई। शहरों में सार्वजनिक परिवहन सीमित समय तक उपलब्ध रहा, जिससे लोग चर्चों और कार्यक्रमों में आसानी से पहुंच सके।
क्रिसमस का सांस्कृतिक महत्व
भारत में क्रिसमस एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसमें सभी समुदायों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। यह त्योहार भारतीय संस्कृति की विविधता और समावेशिता को दर्शाता है। क्रिसमस के अवसर पर घरों को सजाना, उपहारों का आदान-प्रदान करना और शुभकामनाएं देना सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 25 दिसंबर को क्रिसमस के अवसर पर पूरा देश उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। बैंक, स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद रहने से लोगों को त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिला। चर्चों में प्रार्थनाएं, बाजारों में रौनक, पर्यटन स्थलों पर भीड़ और सामाजिक सेवा के कार्यक्रमों ने क्रिसमस के संदेश को और मजबूत किया। प्रेम, शांति और भाईचारे के इस पर्व ने एक बार फिर देशवासियों को एकजुट होकर खुशी मनाने का अवसर दिया।
