उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर: जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी, दिल्ली-उत्तर प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी ने जहां सामान्य जनजीवन को थाम दिया है, वहीं मैदानी इलाकों में शीतलहर और गहरे कोहरे ने सड़क, रेल और हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत के आसार कम हैं और कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी से हालात बिगड़े

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने पहाड़ी क्षेत्रों में जीवन को मुश्किल बना दिया है। कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में कई फीट तक बर्फ जम चुकी है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है। रात के समय तापमान माइनस में पहुंचने से जल स्रोत जम गए हैं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।

बर्फबारी के कारण कई अहम सड़कें बंद कर दी गई हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने यात्रियों को अनावश्यक सफर से बचने की सलाह दी है। बर्फ हटाने वाली मशीनों को लगातार लगाया गया है, लेकिन लगातार बर्फ गिरने से काम में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।

हिमाचल और उत्तराखंड में भी ठंड का प्रकोप

जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बर्फबारी और शीतलहर का असर साफ दिखाई दे रहा है। शिमला, मनाली, कुफरी, मसूरी और औली जैसे इलाकों में तापमान माइनस में दर्ज किया गया। कई पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे होने के कारण बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा, ठिठुरन बढ़ी

दिल्ली-एनसीआर में सुबह और रात के समय गहरा कोहरा छाया रहा। दृश्यता कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। शीतलहर के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और दिनभर ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई है।

कोहरे के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई उड़ानों में देरी हुई और कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा। रेलवे यातायात भी प्रभावित रहा, कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में शीतलहर और कोहरे का असर

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में घना कोहरा और अत्यधिक ठंड दर्ज की गई। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में सुबह-सुबह दृश्यता बेहद कम रही। कई स्थानों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और प्राथमिक कक्षाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में ठंड का सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। खुले में काम करने वाले लोगों के लिए ठंड जानलेवा साबित हो सकती है। राज्य सरकार ने रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी ठिठुरन

पंजाब और हरियाणा में शीतलहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि ठंड से कुछ फसलों को फायदा मिलने की संभावना है, लेकिन अत्यधिक पाला पड़ने से सब्जियों और सरसों की फसल को नुकसान का खतरा भी है। राजस्थान के उत्तरी जिलों में भी न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है और कई जगहों पर पाला पड़ने की खबरें हैं।

स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

ठंड और कोहरे का असर केवल यातायात और जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करें। साथ ही, अल्कोहल का सेवन ठंड से बचाव का उपाय नहीं है, यह शरीर के तापमान को और कम कर सकता है।

प्रशासन और सरकार की तैयारियां

राज्य और जिला प्रशासन ने ठंड और कोहरे से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। रैन बसेरों में कंबल और गर्म पेय की व्यवस्था की गई है। आपात सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर स्कूलों के समय में बदलाव और अवकाश की घोषणाएं की जा रही हैं।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में शीतलहर और घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ाता रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी के अंत तक ठंड का यह दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

निष्कर्ष

उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और बर्फबारी के कठिन दौर से गुजर रहा है। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी ने पहाड़ों की सुंदरता के साथ-साथ चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं, वहीं दिल्ली-उत्तर प्रदेश और अन्य मैदानी राज्यों में शीतलहर और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में मौसम की यह मार और तेज हो सकती है, इसलिए सावधानी, सतर्कता और सामूहिक प्रयास ही इस ठंड के दौर से सुरक्षित निकलने का रास्ता है।

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